{"_id":"62bb3ed57fe91767873fa789","slug":"farmers-making-rounds-for-payment-by-selling-paddy-sonbhadra-news-vns661251216","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान बेचकर भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान बेचकर भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धान खरीद के समय सरकार का दावा था कि खरीद के 72 घंटे के अंदर किसान का भुगतान उसके खाते में कर दिया जाएगा। जिले में 50 से अधिक किसान चार महीने बाद भी भुगतान के लिए भटक रहे हैं। उन्हें आए दिन अफसरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वर्ष 2021-22 में जिले को 169800 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला था। कुल 100 क्रय केंद्रों पर 30278 किसानों से 175275 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। लक्ष्य से हजारों एमटी अधिक खरीद की गई है। हालांकि चार माह बीतने के बाद भी अभी दर्जनों किसानों का भुगतान नहीं हुआ है और वे धान का दाम लेने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जबकि योगी सरकार ने धान बेचने वाले किसानों का 24 घंटे के अंदर उनके खाते में भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कि धान विक्रय करने वाले किसानों का भुगतान सीधे उनके खाते में जाता है। कहा कि केंद्रों पर धान बेचने वाले 50 से अधिक किसानों ने बैंकों से आधार लिंक कराकर नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया पोर्टल पर मैपिंग नहीं करा सकें है। इस नाते उनका करीब 60 लाख रुपये बकाया है। कहा कि किसानों के आधार लिंक और मैपिंग कराते ही भुगतान हो जाएगा।
विज्ञापन
वर्ष 2021-22 में जिले को 169800 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला था। कुल 100 क्रय केंद्रों पर 30278 किसानों से 175275 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। लक्ष्य से हजारों एमटी अधिक खरीद की गई है। हालांकि चार माह बीतने के बाद भी अभी दर्जनों किसानों का भुगतान नहीं हुआ है और वे धान का दाम लेने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जबकि योगी सरकार ने धान बेचने वाले किसानों का 24 घंटे के अंदर उनके खाते में भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कि धान विक्रय करने वाले किसानों का भुगतान सीधे उनके खाते में जाता है। कहा कि केंद्रों पर धान बेचने वाले 50 से अधिक किसानों ने बैंकों से आधार लिंक कराकर नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया पोर्टल पर मैपिंग नहीं करा सकें है। इस नाते उनका करीब 60 लाख रुपये बकाया है। कहा कि किसानों के आधार लिंक और मैपिंग कराते ही भुगतान हो जाएगा।
विज्ञापन