{"_id":"666b319ea6ce78193b0d5cc3","slug":"electricity-demand-increased-by-420-mw-in-24-hours-crossed-30-thousand-mark-sonbhadra-news-c-194-1-son1003-114218-2024-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: 24 घंटे में 420 मेगावाट और बढ़ी बिजली की मांग, 30 हजार का आंकड़ा पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: 24 घंटे में 420 मेगावाट और बढ़ी बिजली की मांग, 30 हजार का आंकड़ा पार
विज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच बृहस्पतिवार को बिजली की मांग ने फिर अपना ही रिकॉर्ड ताेड़ दिया। बुधवार की रात प्रदेश में बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट के पार चली गई। न्यूनतम मांग भी 24 हजार मेगावाट के स्तर तक पहुंच गई है। यह अब तक की सर्वाधिक बिजली की मांग है। इस बीच निगम की इकाइयां भी पूर्ण क्षमता से संचालित की जा रही हैं।
इस वर्ष मई माह में ही बिजली की मांग ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। मांग 29 हजार मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई थी। जून की शुरुआत से भी बिजली की मांग 29 हजार मेगावाट के पार चल रही थी। सोमवार की रात पीक आवर में मांग 29 हजार 500 मेगावाट पर पहुंची और फिर 29 हजार 820 मेगावाट तक पहुंच गई।
बुधवार की रात साढ़े दस बजे मांग बढ़कर 30 हजार 240 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह अब तक की संपूर्ण भारत में सबसे अधिक बिजली की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए निगम सहित प्रदेश की निजी क्षेत्र की सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन
निगम की परियोजनाओं सहित निजी क्षेत्र व एनटीपीसी की परियोजनाओं ने निर्बाध बिजली उत्पादन के लिए कोयले का पर्याप्त स्टॉक कर लिया है।
विज्ञापन
इस वर्ष मई माह में ही बिजली की मांग ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। मांग 29 हजार मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई थी। जून की शुरुआत से भी बिजली की मांग 29 हजार मेगावाट के पार चल रही थी। सोमवार की रात पीक आवर में मांग 29 हजार 500 मेगावाट पर पहुंची और फिर 29 हजार 820 मेगावाट तक पहुंच गई।
विज्ञापन
बुधवार की रात साढ़े दस बजे मांग बढ़कर 30 हजार 240 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह अब तक की संपूर्ण भारत में सबसे अधिक बिजली की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए निगम सहित प्रदेश की निजी क्षेत्र की सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन
निगम की परियोजनाओं सहित निजी क्षेत्र व एनटीपीसी की परियोजनाओं ने निर्बाध बिजली उत्पादन के लिए कोयले का पर्याप्त स्टॉक कर लिया है।