वाराणसी में दर्दनाक हादसा: मिट्टी के ढूहे से पलटे ट्रक से दबकर बुजुर्ग की मौत, बेटा घायल, तीन घंटे चक्काजाम
Varanasi News: सुद्धिपुर बाईपास पर सोमवार की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। आम लदे ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्धिपुर बाईपास पर सोमवार सुबह सड़क किनारे मिट्टी के ढूहे पर चढ़कर आम लदा ट्रक पलटने से छेदी लाल प्रजापति (65) की मौत हो गई। वहीं, बेटा काशी (35) घायल हो गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बाबतपुर-शिवपुर फोरलेन मार्ग को 3 घंटे तक चक्काजाम रखा। पुलिस ने किसी तरह जाम को समाप्त कराया और शव को संरक्षण में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेटे को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
कैसे हुआ हादसा
एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय ने बताया कि बेटे काशी की तहरीर पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बसकड़ा हटिया निवासी छेदी लाल प्रजापति उर्फ घुरे लाल दुकानों पर मिट्टी का पुरवा बेचते थे।
इसे भी पढ़ें; UP Board Marksheet: जिलों में पहुंची यूपी बोर्ड की मार्कशीट, स्कूलों में दो जुलाई से विद्यार्थियों को मिलेगी
रोज की तरह सुबह चार बजे बेटे काशी के साथ पुरवा लेकर दुकानदारों को देने जा रहे थे। सुद्धिपुर बाईपास पर सुबह 7.30 बजे पहुंचे थे कि सड़क पर गिरे मिट्टी के ढूहे पर पीछे से आया अनियंत्रित ट्रक चढ़ा और पलट गया। छेदी लाल की ट्रक की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि बेटा काशी घायल हो गया।
इसे भी पढ़ें; सीपू सिंह हत्याकांड: बवाल में 49 नामजद और 1000 अज्ञात पर दर्ज मुकदमे वापस, 13 साल पहले हुई थी घटना
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना का मुख्य कारण सुद्धिपुर चौराहे के पास सड़क पर फैली मिट्टी थी। वीर नगर कॉलोनी निवासी अजीत सिंह के मकान निर्माण के लिए यह मिट्टी मुख्य सड़क पर गिराई गई थी। तेज रफ्तार डीसीएम सड़क पर फैली मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित हो गई। इसके बाद डीसीएम पलट गई, जिसकी चपेट में पिता-पुत्र आ गए। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
परिवार पर टूटा दूसरा पहाड़
मृतक छेदी लाल प्रजापति के परिवार पर तीन महीने में दूसरा बड़ा संकट है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि छेदी लाल के दो बेटे थे। बड़े बेटे बनारसी (45) की तीन महीने पहले ही ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बनारसी के चार छोटे बच्चे हैं। अब इस हादसे में पिता छेदी लाल की भी मौत हो गई है। दूसरा बेटा काशी गंभीर रूप से घायल है। 10 लोगों के परिवार का भरण-पोषण अब कैसे होगा, इसे लेकर पत्नी दुर्गावती और दोनों बहुओं रामवती व आरती समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम नितिन सिंह और एसीपी अपूर्व पांडेय ने परिजनों को आश्वस्त किया कि न्याय और सरकारी मुआवजे को दिलवाया जाएगा।
अधिकारी बोले
बेटे काशी की तहरीर पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। -अपूर्व पांडेय, एसीपी कैंट