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Sonebhadra News: मलेरिया और टाइफाइड के आठ मरीज मिले
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म्योरपुर। रिहंद जलाशय के तटवर्ती क्षेत्रों में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जांच में स्थानीय सीएचसी पर मलेरिया के दो, टाइफाइड के छह मरीज मिले। इसके अलावा डेंगू की आशंका में रेणुकूट के दो मरीजों का सेंपल लेकर जांच को भेजा गया। बुखार से पीड़ित कई लोग प्लेटलेट्स की कमी से जूझ रहे हैं। उन्हें भी डेंगू संदिग्ध मानकर निजी अस्पताल उपचार कर रहे हैं।
मलेरिया और टाइफाइड के लिए डेंजर जोन माने जाने वाले इलाके में अभी भी मच्छर रोधी दवा छिड़काव न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत विभिन्न गांवों में इन दिनों मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों के आने का क्रम जारी है। स्थानीय सीएचसी में मंगलवार को मरीजों की भीड़ रही। जांच में मलेरिया, टाइफाइड के कई मरीज पाए गए। डेंगू की आशंका में रेणुकूट के दो मरीजों का सेंपल लेकर जिला अस्पताल भेजा गया। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजन सिंह ने बताया कि मरीजों की जांच के बाद जरूरी दवा दी जा रही है। रोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कहा कि मलेरिया और टाइफाइड वाले गांवों को चिन्हित कर जल्द मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा।
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मलेरिया और टाइफाइड के लिए डेंजर जोन माने जाने वाले इलाके में अभी भी मच्छर रोधी दवा छिड़काव न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत विभिन्न गांवों में इन दिनों मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों के आने का क्रम जारी है। स्थानीय सीएचसी में मंगलवार को मरीजों की भीड़ रही। जांच में मलेरिया, टाइफाइड के कई मरीज पाए गए। डेंगू की आशंका में रेणुकूट के दो मरीजों का सेंपल लेकर जिला अस्पताल भेजा गया। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजन सिंह ने बताया कि मरीजों की जांच के बाद जरूरी दवा दी जा रही है। रोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कहा कि मलेरिया और टाइफाइड वाले गांवों को चिन्हित कर जल्द मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा।
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