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Sonebhadra News: ई-केवाईसी की गति धीमी, अपात्र उठा रहे अनाज
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सोनभद्र। शासन की तरफ से अपात्रों तथा मृतकों की छंटनी करने के लिए राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी कराने का निर्देश है। इस क्रम में जिले में ई-केवाईसी का काम करीब तीन माह से चल रहा है। इस दौरान करीब 50 फीसदी राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी हुआ है। ई-केवाईसी में देरी से अपात्र राशन का उठान कर रहे हैं।
जिले में संचालित 788 सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकानों पर चार लाख से अधिक राशन कार्डधारक जुड़े हैं। कार्डधारकों को हर माह प्रति यूनिट पांच किलो अनाज मुफ्त मिल रहा है। हाल ही में शासन की तरफ से सभी राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी कराए जाने का निर्देश दिया गया है। सभी कोटे की दुकानों पर जून से कार्डधारकों का ई-केवाईसी किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति का अंगूठा निशान लेकर आधार सत्यापन करते हुए ई-केवाईसी किया जा रहा है। तीन माह बीतने को हैं, अभी तक सिर्फ 50 फीसदी कार्डधारकों का ही ई-केवाईसी हुआ है। ई-केवाईसी में देरी की वजह से अब भी अपात्र अनाज उठा रहे हैं। ई-केवाईसी के दौरान अभी तक कितने अपात्र व्यक्ति मिले हैं, इस बारे में विभाग कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरा ई-केवाईसी होने के बाद ही अपात्रों का पता चल सकेगा।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत जिन श्रमिकों का अभी तक राशनकार्ड नहीं बना है, उनका कार्ड बनाने का काम चल रहा है। इसके साथ ही कोटे की दुकानों पर ई-केवाईसी भी हो रहा है। जल्द ही शत प्रतिशत ई-केवाईसी करा लिया जाएगा। ई-केवाईसी कराने में जहां नेटवर्क की समस्या आएगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कराया जाएगा। -ध्रुव गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी-सोनभद्र।
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जिले में संचालित 788 सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकानों पर चार लाख से अधिक राशन कार्डधारक जुड़े हैं। कार्डधारकों को हर माह प्रति यूनिट पांच किलो अनाज मुफ्त मिल रहा है। हाल ही में शासन की तरफ से सभी राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी कराए जाने का निर्देश दिया गया है। सभी कोटे की दुकानों पर जून से कार्डधारकों का ई-केवाईसी किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति का अंगूठा निशान लेकर आधार सत्यापन करते हुए ई-केवाईसी किया जा रहा है। तीन माह बीतने को हैं, अभी तक सिर्फ 50 फीसदी कार्डधारकों का ही ई-केवाईसी हुआ है। ई-केवाईसी में देरी की वजह से अब भी अपात्र अनाज उठा रहे हैं। ई-केवाईसी के दौरान अभी तक कितने अपात्र व्यक्ति मिले हैं, इस बारे में विभाग कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरा ई-केवाईसी होने के बाद ही अपात्रों का पता चल सकेगा।
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ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत जिन श्रमिकों का अभी तक राशनकार्ड नहीं बना है, उनका कार्ड बनाने का काम चल रहा है। इसके साथ ही कोटे की दुकानों पर ई-केवाईसी भी हो रहा है। जल्द ही शत प्रतिशत ई-केवाईसी करा लिया जाएगा। ई-केवाईसी कराने में जहां नेटवर्क की समस्या आएगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कराया जाएगा। -ध्रुव गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी-सोनभद्र।
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