फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   DM reached fluoride affected village Paraksh, gave instructions to supply water from tanker

Sonebhadra News: फ्लोराइड पीड़ित गांव पड़रक्ष पहुंचे डीएम, टैंकर से पानी की आपूर्ति के दिए निर्देश

Sun, 02 Mar 2025 11:04 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Mar 2025 11:04 PM IST
विज्ञापन
DM reached fluoride affected village Paraksh, gave instructions to supply water from tanker
सोनभद्र। फ्लोराइड युक्त पानी पीकर बीमार पड़े लोगों को हाल जानने के लिए रविवार को जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह पूरे अमले के साथ गांव पड़रक्ष पहुंचे। टोलों और घरों में जाकर डीएम ने लोगों की पीड़ा सुनी। पानी की जांच कराई। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पड़रक्ष सहित फ्लोराइड प्रभावित सभी गांवों में प्राथमिकता से नल से जल पहुंचाएं। अधिकारियों ने दो महीने का वक्त मांगा तो डीएम ने कहा कि तब तक प्रभावित बस्तियों में टैंकर से नियमित शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाए।सीएमओ को गांवों में कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराने और दवा-उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए।
विज्ञापन


सोनभद्र के 276 गांवों में ग्रामीणों के फ्लोराइड युक्त पानी पीकर बीमार पड़ने का मुद्दा 28 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद मामला प्रदेश स्तर पर सुर्खियों में आ गया। एक मार्च को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर अमर उजाला की खबर पोस्ट कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था।
विज्ञापन

रविवार को सुबह ही स्वास्थ्य विभाग और जल निगम के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह फ्लोराइड से सबसे ज्यादा प्रभावित कोन ब्लॉक के पड़रक्ष गांव पहुंच गए। उन्हों ने गांव के पटेलनगर, नई बस्ती सहित कई टोलों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की। घरों में पानी की गुणवत्ता की जांच कराई। गांव की बड़ी आबादी में फ्लोराइड के प्रभाव से हड्डियां टेढ़ी होने और कमजोर होने पर चिंता जताई। इसके बाद चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर जल स्रोतों की जांच कराई जाए और हर घर नल जल योजना को जल्द चालू कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस पर अधिशासी अभियंता ने दो महीने का वक्त मांगा। डीएम ने निर्देश दिए कि तब तक गांव में टैंकर के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए।

इसके बाद पटेल नगर के शिवदास शर्मा के हैंडपंप के जल की गुणवत्ता की जांच कराई। उन्होंने सुरेश पटेल और राम प्रसाद के घरों में लगी टोटी से जल की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने अपील की कि जहां भी नल से पानी आ रहा है, वह सिर्फ उसी पानी का इस्तेमाल करें। हैंडपंप, कुएं का पानी न पीएं। ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान एडीएम (नमामि गंगे) रोहित यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार, एसडीएम ओबरा विवेक सिंह और जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
----
ग्राम समूह पेयजल परियोजना का भी किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने ग्राम समूह पेयजल परियोजना पड़रक्ष का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना फ्लोराइड प्रभावित गांव में जलापूर्ति के लिए बनी थी, लेकिन वहां इससे अब तक पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने तकनीकी खामियों को दूर कर जल निगम के अधिकारियों को जल्द इसे पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के 120 गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
---
पानी उबालकर न पीएं, इमली का सेवन करें : सीएमओ
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने फ्लोराइड की अधिकता से हो रही बीमारी से बचाव के लिए शुद्ध पानी को जरूरी बताया। कहा कि पानी को उबालकर पीना और खतरनाक हो सकता है। इससे फ्लोराइड की सांद्रता बढ़ जाती है। आरओ फिल्टर से आ रहा पानी ही पीएं। भोजन में इमली और अन्य खट्टी चीजों का सेवन फायदेमंद होगा।
---
व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में दिखा गुस्सा...बोले-अरसे बाद कोई डीएम आए
लंबे समय से फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे ग्रामीणों में व्यवस्था को लेकर नाराजगी दिखी। अफसरों के सामने उन्होंने खुलकर अपनी पीड़ा रखी। कहा कि जल निगम के लोग पहले भी शुद्ध पानी देने का आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन अब तक पानी नहीं मिला। हैंडपंप में लगाए गए फ्लोराइड रिमूवल प्लांट कुछ दिन में ही बेकार हो जाते हैं। रिमूवल किट भी बंद हैं। कोई अधिकारी यहां झांकने नहीं आता। अरसे बाद कोई डीएम यहां पहुंचे हैं। डीएम ने ग्रामीणों की सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।

--
अफसरों की बाट जोहते रहे रिंकी और रोहित
कोन ब्लॉक का कचनरवा गांव भी फ्लोराइड से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में है। इस गांव में भी रविवार को अफसरों के पहुंचने की सूचना थी। फ्लोरोसिस से ग्रसित बिस्तर पकड़ चुकी 25 वर्षीय रिंकी और 14 साल के रोहित सहित अन्य ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अफसर उनकी सुध लेने पहुंचेंगे, लेकिन उनके हिस्से में मायूसी ही आई। अफसरों का काफिला पडरक्ष से ही लौट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed