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Sonebhadra News: सरकारी कार्यालयों में डीएम सीडीओ ने की जांच
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सोनभद्र। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की लेटलतीफी, बाहरियों से काम कराने और अन्य अव्यवस्थाओं पर शिकंजा कसने के लिए बृहस्पतिवार को डीएम के निर्देश में विशेष जांच हुई। अलग-अलग टीमों ने विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां उजागर हुईं। डीएम ने संबंधितों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम बद्रीनाथ सिंह सुबह सवा 11 बजे खनिज विभाग के कार्यालय पहुंचे। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में खान निरीक्षक मनोज कुमार, सर्वेक्षक योगेश शुक्ला, खनिज लिपिक सुनील कुमार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हनुमान पाठक अनुपस्थित थे। सभी के वेतन भुगतान रोक लगाने व स्पष्टीकरण जारी करने के लिए ज्येष्ठ खान अधिकारी को निर्देशित किया। लेखाकार कक्ष में लेखाकार अजय शंकर शर्मा भी अनुपस्थित थे। इस दौरान उस कक्ष अन्य तीन व्यक्ति मिले। इनमें से एक व्यक्ति कम्प्यूटर ऑपरेट कर रहा था। उसने अपना नाम प्रदीप कुमार बताया, मगर उसकी कार्यालय में तैनाती नहीं थी। डीएम ने उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हिदायत दी कि किसी भी प्राइवेट व्यक्ति से कोई शासकीय कार्य न लिया जाए। इसकी अनदेखी पर कार्रवाई होगी। कमान सेंटर पर यूपी डेस्को के कर्मचारी उपस्थित मिले। डीएम ने उनसे बुधवार को ओवरलोड परिवहन में पकड़े गए वाहनों के चालान की जानकारी ली तो पता चला कि दो वाहनों का ओवरलोड होने के बावजूद एम चेक के माध्यम से चालान नहीं हुआ था। इसके पीछे नंबर प्लेट छिपाने की बात आई। डीएम ने ऐसे वाहनों के खिलाफ एआरटीओ के साथ मिलकर कार्रवाई के लिए ज्येष्ठ खान अधिकारी को निर्देश दिया। इस मौके पर एसडीएम मुख्यालय विनीत कुमार, अनुज कुमार रिजनल आफिसर, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
सीडीओ सौरभ गंगवार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। प्लास्टर कक्ष में राजगढ़ निवासी मुन्ना, राजेश मौर्य, श्रुति देवी ने 268 की जगह 300 रुपये लेने और शेष पैसा वापस न करने की शिकायत की। गंभीर प्रकृति के मरीजों को व्हीलचेयर भी नहीं दिया जा रहा था। इसके लिए सीएमएस को कड़ी हिदायत दी गई। फार्मासिस्ट से पैसे वापस कराए। शाहगंज के चकौली निवासी लीलावती देवी को ओपीडी में चर्म रोग विशेषज्ञ ने बाहर की भी दवा लिखी थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ भी बाहर की दवा लिख रहे थे। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल में मौजूद दवा ही लिखने को कहा। रेडियोलॉजी विभाग में कई मरीज बिना डॉक्टर की संस्तुति के ही सीटी स्कैन कराने के लिए खड़े थे। नेत्र चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं थे, जबकि वहां भीड़ लगी थी। सीडीओ ने सीएमएस को मरीजों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इससे पहले सीडीओ ने सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां कोई बाहरी नहीं मिला, लेकिन खिड़कियों के शीशे टूटने, एसी से पानी टपकने, छत पर गंदगी होने सहित अन्य कमियां मिली, जिसे ठीक कराने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया।
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एसडीएम दुद्धी सुरेश राय ने नगर पंचायत व ब्लॉक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया। वृहस्पतिवार को निरीक्षण करने पहुँचे एसडीएम दुद्धी सुरेश राय ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर को चेक किया। चेकिंग के दौरान सभी अधिकारी कर्मचारी मौजूद मिले। कार्यालयों के पत्रावलियों के साथ उपस्थित पंजिका के साथ अन्य जानकारी ली।
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डीएम बद्रीनाथ सिंह सुबह सवा 11 बजे खनिज विभाग के कार्यालय पहुंचे। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में खान निरीक्षक मनोज कुमार, सर्वेक्षक योगेश शुक्ला, खनिज लिपिक सुनील कुमार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हनुमान पाठक अनुपस्थित थे। सभी के वेतन भुगतान रोक लगाने व स्पष्टीकरण जारी करने के लिए ज्येष्ठ खान अधिकारी को निर्देशित किया। लेखाकार कक्ष में लेखाकार अजय शंकर शर्मा भी अनुपस्थित थे। इस दौरान उस कक्ष अन्य तीन व्यक्ति मिले। इनमें से एक व्यक्ति कम्प्यूटर ऑपरेट कर रहा था। उसने अपना नाम प्रदीप कुमार बताया, मगर उसकी कार्यालय में तैनाती नहीं थी। डीएम ने उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हिदायत दी कि किसी भी प्राइवेट व्यक्ति से कोई शासकीय कार्य न लिया जाए। इसकी अनदेखी पर कार्रवाई होगी। कमान सेंटर पर यूपी डेस्को के कर्मचारी उपस्थित मिले। डीएम ने उनसे बुधवार को ओवरलोड परिवहन में पकड़े गए वाहनों के चालान की जानकारी ली तो पता चला कि दो वाहनों का ओवरलोड होने के बावजूद एम चेक के माध्यम से चालान नहीं हुआ था। इसके पीछे नंबर प्लेट छिपाने की बात आई। डीएम ने ऐसे वाहनों के खिलाफ एआरटीओ के साथ मिलकर कार्रवाई के लिए ज्येष्ठ खान अधिकारी को निर्देश दिया। इस मौके पर एसडीएम मुख्यालय विनीत कुमार, अनुज कुमार रिजनल आफिसर, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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सीडीओ सौरभ गंगवार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। प्लास्टर कक्ष में राजगढ़ निवासी मुन्ना, राजेश मौर्य, श्रुति देवी ने 268 की जगह 300 रुपये लेने और शेष पैसा वापस न करने की शिकायत की। गंभीर प्रकृति के मरीजों को व्हीलचेयर भी नहीं दिया जा रहा था। इसके लिए सीएमएस को कड़ी हिदायत दी गई। फार्मासिस्ट से पैसे वापस कराए। शाहगंज के चकौली निवासी लीलावती देवी को ओपीडी में चर्म रोग विशेषज्ञ ने बाहर की भी दवा लिखी थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ भी बाहर की दवा लिख रहे थे। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल में मौजूद दवा ही लिखने को कहा। रेडियोलॉजी विभाग में कई मरीज बिना डॉक्टर की संस्तुति के ही सीटी स्कैन कराने के लिए खड़े थे। नेत्र चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं थे, जबकि वहां भीड़ लगी थी। सीडीओ ने सीएमएस को मरीजों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इससे पहले सीडीओ ने सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां कोई बाहरी नहीं मिला, लेकिन खिड़कियों के शीशे टूटने, एसी से पानी टपकने, छत पर गंदगी होने सहित अन्य कमियां मिली, जिसे ठीक कराने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया।
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एसडीएम दुद्धी सुरेश राय ने नगर पंचायत व ब्लॉक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया। वृहस्पतिवार को निरीक्षण करने पहुँचे एसडीएम दुद्धी सुरेश राय ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर को चेक किया। चेकिंग के दौरान सभी अधिकारी कर्मचारी मौजूद मिले। कार्यालयों के पत्रावलियों के साथ उपस्थित पंजिका के साथ अन्य जानकारी ली।