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सत्संग में 1500 लोग गए थे वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Sun, 16 Oct 2016 11:36 PM IST
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वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में सोनभद्र से जय गुरुदेव के 1500 अनुयायी गए थे। घोरावल क्षेत्र से सात बसों पर सवार होकर 450 कार्यकर्ता गए थे, जबकि जिले भर से 19 बसों और छह छोटे वाहनों में उनके अनुयायी वाराणसी पहुंचे थे। घोरावल क्षेत्र के देवरीकाठ गांव की रामदेई(65) के घायल होने की सूचना मिलते ही समूचा कुनबा चिंतित है।
जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के घोरावल तहसील अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि घोरावल तहसील क्षेत्र से सात बसों पर सवार होकर 450 कार्यकर्ता गए थे। जबकि जिले भर से 19 बसें और छह छोटे वाहनों पर सवार होकर 1500 कार्यकर्ता गए थे। सभी लोग 14 अक्तूबर को दोपहर बाद निकले थे। जिलाध्यक्ष जवाहरलाल शर्मा ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि जिस समय जय गुरुदेव के अनुयायियों का कारवां राजघाट पुल से गुजर रहा था उसी समय पुल के नीचे से ट्रेन भी गुजर रही थी। इसकी वजह से पुल में कंपन होने लगा। उसी समय एक वाहन का टायर ब्लास्ट कर गया और लोगों ने बम फटने की अफवाह फैला दी तभी भगदड़ मच गई और एक-दूसरे के ऊपर लोग गिरने लगे और कुचल गए। इस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया इसकी वजह से और भगदड़ मच गई। घायल रामदेई के पति श्याम बिहारी ने बताया कि सभी लोग एक साथ काफिले में थे। राजघाट पुल के पास उनकी पत्नी, पुत्री व अन्य लोग पीछे रह गए और उसी दौरान हादसा हो गया। कहा कि दिन-रात अपनी पत्नी और बेटी को ढूंढ़ते रहे, लेकिन पता नहीं चला। रात्रि 11 बजे बेटी शीला का फोन आया कि वह मां को लेकर अस्पताल में है। रविवार की सुबह आठ बजे रामनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंच कर पत्नी व बेटी से मिला।
जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के घोरावल तहसील अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि घोरावल तहसील क्षेत्र से सात बसों पर सवार होकर 450 कार्यकर्ता गए थे। जबकि जिले भर से 19 बसें और छह छोटे वाहनों पर सवार होकर 1500 कार्यकर्ता गए थे। सभी लोग 14 अक्तूबर को दोपहर बाद निकले थे। जिलाध्यक्ष जवाहरलाल शर्मा ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि जिस समय जय गुरुदेव के अनुयायियों का कारवां राजघाट पुल से गुजर रहा था उसी समय पुल के नीचे से ट्रेन भी गुजर रही थी। इसकी वजह से पुल में कंपन होने लगा। उसी समय एक वाहन का टायर ब्लास्ट कर गया और लोगों ने बम फटने की अफवाह फैला दी तभी भगदड़ मच गई और एक-दूसरे के ऊपर लोग गिरने लगे और कुचल गए। इस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया इसकी वजह से और भगदड़ मच गई। घायल रामदेई के पति श्याम बिहारी ने बताया कि सभी लोग एक साथ काफिले में थे। राजघाट पुल के पास उनकी पत्नी, पुत्री व अन्य लोग पीछे रह गए और उसी दौरान हादसा हो गया। कहा कि दिन-रात अपनी पत्नी और बेटी को ढूंढ़ते रहे, लेकिन पता नहीं चला। रात्रि 11 बजे बेटी शीला का फोन आया कि वह मां को लेकर अस्पताल में है। रविवार की सुबह आठ बजे रामनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंच कर पत्नी व बेटी से मिला।
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