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Sonebhadra News: मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
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सोनभद्र। वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। नारियल-चुनरी चढ़ाकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
मां दुर्गा का द्वितीय स्वरूप देवी ब्रह्मचारिणी का है। ज्ञान, वैराग्य और ध्यान की अधिष्ठात्री देवी ब्रह्मचारिणी को सृष्टि का विस्तारक भी माना जाता है। उनके ध्यान से अभिष्ट फल प्राप्ति की कामना से मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। नगर के मां शीतला मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भोर से ही शुरू हुआ तो देर रात तक चलता रहा। बाजार स्थित आदिशक्ति मां दुर्गा मंदिर, कड़े शीतला, सांई चौक स्थित दुर्गा मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातों शीतला मंदिर, दंडईत बाबा परिसर स्थित मां दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पहुंचकर भक्तों ने शीश नवाया। हवन-पूजन सहित विविध धार्मिक अनुष्ठान भी हुई। डाला स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। सुबह और शाम की आरती में सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आयोजित मेले का भी लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया।
1100 दीप जलाकर दी नव वर्ष की बधाई
चोपन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से डाला के रामलीला मैदान में 1100 दीप जलाकर नव संवत्सर मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रेणुकूट रवींद्र खरवार ने बताया कि सनातन धर्म व हिंदू सभ्यता सबसे प्राचीन और समृद्ध है। चैत में ही वर्ष का आरंभ माना जाता है, क्योंकि इस महीने में पेड़ पौधे, पत्ती हरा भरा हो जाते हैं। इस दौरान नगर कार्यवाह नीरज दुबे, गिरिश तिवारी, संजय पांडेय, मुन्ना पांडेय, जितेंद्र, राकेश पासवान, धीरेंद्र प्रताप सिंह सोनू, रिशू जायसवाल, संतोष कुमार बबलू, सुभाष पाल, विकास जैन आदि मौजूद रहे।
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मां दुर्गा का द्वितीय स्वरूप देवी ब्रह्मचारिणी का है। ज्ञान, वैराग्य और ध्यान की अधिष्ठात्री देवी ब्रह्मचारिणी को सृष्टि का विस्तारक भी माना जाता है। उनके ध्यान से अभिष्ट फल प्राप्ति की कामना से मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। नगर के मां शीतला मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भोर से ही शुरू हुआ तो देर रात तक चलता रहा। बाजार स्थित आदिशक्ति मां दुर्गा मंदिर, कड़े शीतला, सांई चौक स्थित दुर्गा मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातों शीतला मंदिर, दंडईत बाबा परिसर स्थित मां दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पहुंचकर भक्तों ने शीश नवाया। हवन-पूजन सहित विविध धार्मिक अनुष्ठान भी हुई। डाला स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। सुबह और शाम की आरती में सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आयोजित मेले का भी लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया।
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1100 दीप जलाकर दी नव वर्ष की बधाई
चोपन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से डाला के रामलीला मैदान में 1100 दीप जलाकर नव संवत्सर मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रेणुकूट रवींद्र खरवार ने बताया कि सनातन धर्म व हिंदू सभ्यता सबसे प्राचीन और समृद्ध है। चैत में ही वर्ष का आरंभ माना जाता है, क्योंकि इस महीने में पेड़ पौधे, पत्ती हरा भरा हो जाते हैं। इस दौरान नगर कार्यवाह नीरज दुबे, गिरिश तिवारी, संजय पांडेय, मुन्ना पांडेय, जितेंद्र, राकेश पासवान, धीरेंद्र प्रताप सिंह सोनू, रिशू जायसवाल, संतोष कुमार बबलू, सुभाष पाल, विकास जैन आदि मौजूद रहे।
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