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17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग
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केवट, मल्लाह, मझवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने समेत 16 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के कार्यकर्ताओं ने सभी तहसील कार्यालयों पर ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष रोहित बिंद के नेतृत्व में राबर्ट्सगंज तहसील कार्यालय पर ज्ञापन दिया गया। वहीं घोरावल तहसील कार्यालय पर विधान सभाध्यक्ष ललित प्रसाद, ओबरा तहसील में विधान सभाध्यक्ष राजनारायण और दुद्धी तहसील में विधान सभाध्यक्ष श्यामसुंदर निषाद के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया गया।
जिलाध्यक्ष रोहित बिंद ने बताया कि प्रदेश की 17 अति पिछड़ी जातियों जैसे कहार, कुम्हार, प्रजापति, कश्यप, राजभर, धीमर, बाथम, केवट, मल्लाह, बिंद, तुरहा, मछुवा आदि जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की गई है। इन सभी जातियों को विमुक्त जाति में शामिल कर उसका लाभ दिया जाए। ताल, घाट नदी पहले की भांति निषाद समुदाय को दी जाए एवं नदी किनारे की खाली पड़ी जमीन के नीचे के मोरंग, बालू को मछुआरा समाज के लिए आरक्षित किया जाए। मत्स्य विभाग का कार्यालय सभी संबंधित ब्लॉकों में खोला जाए। मछुआरा समाज के महापुरुषों के जीवन चरित्र को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए। ज्ञापन देने में श्यामसुंदर, दरबारी, सविता विश्वकर्मा, राजनारायण, संतोष साहनी, ललित प्रसाद, जोगेंदर, अनिकेत, श्यामधर, शंभु नाथ, महेंद्र प्रसाद व दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उधर मछुआ एससी आरक्षण संघर्ष दिवस पर सोमवार को अनपरा से चलकर निषाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने दुद्धी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान श्यामसुंदर निषाद, महेंद्र प्रसाद निषाद, श्यामधर साहनी, शंभू नाथ निषाद, दरबारी लाल निषाद, सविता विश्वकर्मा, मुनिया देवी आदि मौजूद रहीं।
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जिलाध्यक्ष रोहित बिंद ने बताया कि प्रदेश की 17 अति पिछड़ी जातियों जैसे कहार, कुम्हार, प्रजापति, कश्यप, राजभर, धीमर, बाथम, केवट, मल्लाह, बिंद, तुरहा, मछुवा आदि जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की गई है। इन सभी जातियों को विमुक्त जाति में शामिल कर उसका लाभ दिया जाए। ताल, घाट नदी पहले की भांति निषाद समुदाय को दी जाए एवं नदी किनारे की खाली पड़ी जमीन के नीचे के मोरंग, बालू को मछुआरा समाज के लिए आरक्षित किया जाए। मत्स्य विभाग का कार्यालय सभी संबंधित ब्लॉकों में खोला जाए। मछुआरा समाज के महापुरुषों के जीवन चरित्र को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए। ज्ञापन देने में श्यामसुंदर, दरबारी, सविता विश्वकर्मा, राजनारायण, संतोष साहनी, ललित प्रसाद, जोगेंदर, अनिकेत, श्यामधर, शंभु नाथ, महेंद्र प्रसाद व दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उधर मछुआ एससी आरक्षण संघर्ष दिवस पर सोमवार को अनपरा से चलकर निषाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने दुद्धी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान श्यामसुंदर निषाद, महेंद्र प्रसाद निषाद, श्यामधर साहनी, शंभू नाथ निषाद, दरबारी लाल निषाद, सविता विश्वकर्मा, मुनिया देवी आदि मौजूद रहीं।
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