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कई साधन सहकारी समितियों पर नहीं मिल रही डीएपी
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सोनभद्र। जिले के किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारियां शुरू कर दी है। नर्सरी डालने में किसानों को डीएपी की समस्या न हो, इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। तीनों तहसीलों के 62 साधन सहकारी समितियों पर 8959 एमटी डीएपी उर्वरक डंप कर दी गई है। सचिवों को जरूरत के अनुसार किसानों को उर्वरक मुहैया कराने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। ताकि किसानों को खाद लेने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़ें। बावजूद इसके कई समितियों के सचिवों की लापरवाही से किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है।
नगवां ब्लॉक के नंदना गांव निवासी किसान श्याम किशोरी चौबे का कहना है कि साधन सहकारी आमडीह पर यूरिया और डीएपी की उपलब्धता न होने से किसानों को धान की नर्सरी डाहने केलिए बाजार से महंगे दर पर उर्वरक क्रय करना पड़ रहा है। सदर ब्लॉक क सेमरी गांव के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि साधन सहकारी समिति गया रतवल पर डीएपी है। तरावा गांव के त्रियुगी देव कहते है कि साधन सहकारी समिति पुरना से अभी तक उर्वरक का उठान नहीं कर पाए है। क्योंकि चार किमी दूर होने केकारण वहां से लाने में परेशानी होती है। चतरा ब्लॉक के सिरसी के रहने वाले सुधि नारायण देव पांडेय ने कहा कि कई साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। यदि समय रहते समितियों पर डीएपी नहीं मंगाई गई तो धान की नर्सरी डालने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ए-आर कोआपरेटिव टीएन सिंह ने कहा कि जिले में 2020-21 में खरीफ फसल के लिए 11108 एमटी यूरिया का लक्ष्य है। लक्ष्य केसापेक्ष 4669 एमटी यूरिया उपलब्ध है। वहीं डीएपी का लक्ष्य 7130 एमटी है, जिसके सापेक्ष 8959 एमटी डीएपी भी है। कहा कि अगर कोई सचिव चेक लगाकर उर्वरक नहीं ले गया तो हो तत्काल ले जाएं। उन्होंने किसानों से 30 जून तक बकाया धनराशि जमा करने की अपील किया है।
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नगवां ब्लॉक के नंदना गांव निवासी किसान श्याम किशोरी चौबे का कहना है कि साधन सहकारी आमडीह पर यूरिया और डीएपी की उपलब्धता न होने से किसानों को धान की नर्सरी डाहने केलिए बाजार से महंगे दर पर उर्वरक क्रय करना पड़ रहा है। सदर ब्लॉक क सेमरी गांव के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि साधन सहकारी समिति गया रतवल पर डीएपी है। तरावा गांव के त्रियुगी देव कहते है कि साधन सहकारी समिति पुरना से अभी तक उर्वरक का उठान नहीं कर पाए है। क्योंकि चार किमी दूर होने केकारण वहां से लाने में परेशानी होती है। चतरा ब्लॉक के सिरसी के रहने वाले सुधि नारायण देव पांडेय ने कहा कि कई साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। यदि समय रहते समितियों पर डीएपी नहीं मंगाई गई तो धान की नर्सरी डालने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ए-आर कोआपरेटिव टीएन सिंह ने कहा कि जिले में 2020-21 में खरीफ फसल के लिए 11108 एमटी यूरिया का लक्ष्य है। लक्ष्य केसापेक्ष 4669 एमटी यूरिया उपलब्ध है। वहीं डीएपी का लक्ष्य 7130 एमटी है, जिसके सापेक्ष 8959 एमटी डीएपी भी है। कहा कि अगर कोई सचिव चेक लगाकर उर्वरक नहीं ले गया तो हो तत्काल ले जाएं। उन्होंने किसानों से 30 जून तक बकाया धनराशि जमा करने की अपील किया है।
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