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सोनभद्र, चंदौली के नक्सल क्षेत्रों से सीआरपीएफ हटी

Mon, 23 Nov 2020 11:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Nov 2020 11:05 PM IST
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CRPF withdrawn from Naxalite affected areas, now commanded PAC
सोनभद्र/रामगढ़। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई सीआरपीएफ की 148 वीं बटालियन को रविवार को मध्यप्रदेश भेज दिया गया। नक्सलियों ने विजयगढ़ के युवराज शरदचंद पद्म शरण शाह की फरवरी 2003 में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ तैनात की गई थी। पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में मौजूद पीएसी की पांच कंपनियों को नक्सल क्षेत्रों की सुरक्षा में लगाया गया है। सभी थानाध्यक्षों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
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मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे सोनभद्र जिले में वर्ष 2000 से नक्सल गतिविधियां तेज हो गई थीं। नक्सलियों ने तब से वर्ष 2010 तक जिले में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। वर्ष 2003 में जब नक्सलियों ने विजयगढ़ के युवराज शरदचंद पद्म शरण शाह की गोली मारकर हत्या की थी, तब नक्सलियों की दहशत पूरे क्षेत्र में फैल गई। इसके बाद नक्सलियों का कहर बढ़ता ही गया। नक्सलियों ने चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र कि हिनौत गांव में पीएसी की ट्रक भी विस्फोट कर उड़ा दिया था, जिसमें कई जवान मारे गए थे। खोराडीह के पीएसी कैंप पर हमला कर हथियार लूट लिया था। नक्सलियों के बढ़ते वर्चस्व को खत्म करने, नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह से नियंत्रण और सुरक्षा की दृष्टि से वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने सोनभद्र और चंदौली जिले में सीआरपीएफ तैनात की गई थी। सोनभद्र के सिलहट, मांची, महुली, पोखरिया और कनछ में सीआरपीएफ की 148वीं बटालियन तैनात की गई थी। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने नक्सल क्षेत्र में सघन कांबिंग शुरू की और कई नक्सलियों को मार गिराया। कई नक्सली गिरफ्तार किए गए। वर्ष 2012 के बाद नक्सल क्षेत्र पूरी तरह से शांत हो गया और फिर कोई नक्सल घटना नहीं हुई। सीआरपीएफ के रहने से क्षेत्र के लोगों में नक्सल का खौफ खत्म हो गया था। लोग सुरक्षित महसूस करने लगे थे और नक्सल गतिविधियां भी लगभग पूरी तरह से खत्म हो गई थीं, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अमन है। अब सरकार ने चंदौली और सोनभद्र में तैनात 148वीं सीआरपीएफ को यहां से स्थानांतरित कर मध्य प्रदेश भेज दिया है। सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट डीपी यादव ने बताया कि सरकार का निर्देश प्राप्त हुआ है कि मध्यप्रदेश जाना है। आदेश का पालन करते हुए पूरे कैंप को खाली कर निर्देश के अनुसार फोर्स रवाना हो गई है।
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वर्जन
सरकार के आदेश के बाद सीआरपीएफ यहां से मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गई है। जिले में पांच कंपनी पीएसी है जो नक्सल क्षेत्रों में सुरक्षा की कमान संभालेगी। सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।-आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक।
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