बाढ़ से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद के लिए प्रशासन ने कमर कस लिया है। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ से जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। राजस्व कर्मी बाढ़ से प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश से जिले से होकर गुजरने वली सोन, कनहर, बकहर, बेलन एवं अन्य नदियों, धंधरौल, रिहंद समेत अन्य जलशयों का जलस्तर तेजी से बढने लगा था। नदियों के तटवर्ती कई गांवों में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ से किसानों के हजारों बीघे धान आदि की फसल को नुकसान हुआ था। हालांकि चार दिनों से बारिश बंद है, इससे काफी राहत मिली है। अब राबट्र्सगंज, ओबरा, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र के लेखपाल समेत अन्य राजस्वकर्मी बाढ़ से प्रभावित किसानों की बर्बाद फसल का सर्वे करने में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से चेतावनी दी गई है कि प्रभावित कोई किसान न छूटे। अगर कोई राजस्व कर्मी जान बुझकर पीड़ित किसी किसान की रिपोर्ट नहीं देंगे तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ से जिन किसानों के खेतों में नदियों का रेत समेत अन्य मलबा जमा हो गया है उनकी भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। मलबा हटाने के लिए मुआवजा दिया जाएगा। राबट्र्सगंज एसडीएम के. एस पांडेय ने लेखपालों को जल्द से जल्द प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर मुहैया कराने का निर्देश दिया है।