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हत्यारोपी पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:39 PM IST
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सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के कन्हौरा के ग्राम प्रधान रमेश की एक माह पूर्व गोली मारकर हुई हत्या के मामले में आरोपी पिता-पुत्र पकरी निवासी राजनरायण गिरि एवं बबलू गिरि की जमानत अर्जी गुरुवार को सत्र न्यायाधीश रामअधार राम ने खारिज कर दी। पिता-पुत्र पांच जून से जेल में निरुद्ध हैं।
मामले में हत प्रधान के पुत्र रामसुंदर मौर्या ने दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पकरी गांव निवासी राजनरायण गिरि उनके बेटे बबलू गिरि तथा गांव के रामधारी चौधरी और सतेंद्र चौधरी के साथ ही अन्य लोगों से प्रधानी चुनाव को लेकर रंजिश थी। चार जून 2017 को शाम 7:30 बजे एक लड़का घर पर आया और दरवाजा खटखटाने लगा। जब उससे पूछा गया तो उसने लू लगने की बात कही और दवा की मांग की। ग्राम प्रधान रमेश चिकित्सकीय पेशे भी जुड़े थे, जब वे बाहर निकले तभी उन्हें पीछे से गोली मारकर लड़का भाग गया। इस तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के दौरान पांच जून को राजनरायण गिरि और उनका बेटा बबलू गिरफ्तार हो गया। उसके दूसरे दिन छह जून को रामधारी चौधरी और सतेंद्र चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 16 जून को पुलिस ने तीन आरोपियों कन्हौरा गांव निवासी रविंद्र और संतोष तथा झरिया चकरिया निवासी जितेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी पुलिस ने बरामद कर लिया। अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता रामजियावन सिंह यादव के तर्कों को सुनने एवं गवाहों के बयान के आधार पर गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए आरोपी पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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मामले में हत प्रधान के पुत्र रामसुंदर मौर्या ने दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पकरी गांव निवासी राजनरायण गिरि उनके बेटे बबलू गिरि तथा गांव के रामधारी चौधरी और सतेंद्र चौधरी के साथ ही अन्य लोगों से प्रधानी चुनाव को लेकर रंजिश थी। चार जून 2017 को शाम 7:30 बजे एक लड़का घर पर आया और दरवाजा खटखटाने लगा। जब उससे पूछा गया तो उसने लू लगने की बात कही और दवा की मांग की। ग्राम प्रधान रमेश चिकित्सकीय पेशे भी जुड़े थे, जब वे बाहर निकले तभी उन्हें पीछे से गोली मारकर लड़का भाग गया। इस तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के दौरान पांच जून को राजनरायण गिरि और उनका बेटा बबलू गिरफ्तार हो गया। उसके दूसरे दिन छह जून को रामधारी चौधरी और सतेंद्र चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 16 जून को पुलिस ने तीन आरोपियों कन्हौरा गांव निवासी रविंद्र और संतोष तथा झरिया चकरिया निवासी जितेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी पुलिस ने बरामद कर लिया। अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता रामजियावन सिंह यादव के तर्कों को सुनने एवं गवाहों के बयान के आधार पर गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए आरोपी पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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