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श्वेता हत्याकांड: पति को चार साल की कैद
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:04 PM IST
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सोनभद्र। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शनिवार को श्वेता हत्याकांड के मामले में दोषी पति सुनील कुमार चौबे को चार साल की कैद एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्टसगंज कोतवाली में 30 अप्रैल 2009 को दी तहरीर मे पन्नूगंज थाने के बभनगवां निवासी अखिलेश कुमार दुबे ने अवगत कराया कि उसकी बहन की शादी 17 फरवरी को राबर्टसगंज कोतवाली क्षेत्र के मुठेर गांव निवासी सुनील कुमार चौबे के साथ हुई थी। 28 अप्रैल 2009 को बहनोई सुनील घर आए थे और बहन के साथ रहे। 30 अप्रैल 2009 को सुबह आठ बजे बहन घर से रामगढ़ सामान लेने निकली तभी बहनोई सुनील बाइक से बहन को लेकर रामगढ़ चला गया। जब साढ़े नौ बजे सुबह छोटी बहन शर्मिला ने फोन किया तो बताया कि कसारी तालाब के पास हूं मुझे उलटी हो रही है और घर नहीं आ सकूंगी। जब वहां जाकर देखा गया तो बहन की मौत हो गई थी। उसकी मोबाइल बगल में पड़ी थी। बहनोई सुनील फरार हो गया था। शक है कि बहनोई ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। इसपर बहनोई सुनील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। विवेचना के बाद सबूत मिलने पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी पाया और पति सुनील को चार साल की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता रामजियावन सिंह यादव ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्टसगंज कोतवाली में 30 अप्रैल 2009 को दी तहरीर मे पन्नूगंज थाने के बभनगवां निवासी अखिलेश कुमार दुबे ने अवगत कराया कि उसकी बहन की शादी 17 फरवरी को राबर्टसगंज कोतवाली क्षेत्र के मुठेर गांव निवासी सुनील कुमार चौबे के साथ हुई थी। 28 अप्रैल 2009 को बहनोई सुनील घर आए थे और बहन के साथ रहे। 30 अप्रैल 2009 को सुबह आठ बजे बहन घर से रामगढ़ सामान लेने निकली तभी बहनोई सुनील बाइक से बहन को लेकर रामगढ़ चला गया। जब साढ़े नौ बजे सुबह छोटी बहन शर्मिला ने फोन किया तो बताया कि कसारी तालाब के पास हूं मुझे उलटी हो रही है और घर नहीं आ सकूंगी। जब वहां जाकर देखा गया तो बहन की मौत हो गई थी। उसकी मोबाइल बगल में पड़ी थी। बहनोई सुनील फरार हो गया था। शक है कि बहनोई ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। इसपर बहनोई सुनील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। विवेचना के बाद सबूत मिलने पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी पाया और पति सुनील को चार साल की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता रामजियावन सिंह यादव ने बहस की।
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