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सात हजार के लिए मरीज को बनाया बंधक
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:47 PM IST
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज स्थित न्यू कालोनी में रविवार की रात सात हजार रुपये न देने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीज को बंधक बना लिया। परिवार के लोग हंगामा करने लगे। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह से समझा बुझाकर शांत कराया। सोमवार को कोतवाली में डॉक्टर और मरीज के बीच पंचायत हुई और मामला रफादफा हो गया।
एक अक्तूबर को कोतवाली क्षेत्र के भटौलिया गांव की अनिल मौर्या की पत्नी पूनम बीमार हो गई। गांव की आशा सुखरानी देवी पूनम को लेकर पीएचसी केकराही गई। यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने बताया कि करीब 17 दिन बाद पूनम को प्रसव होगा। अनिल का आरोप है कि आशा ने उन लोगों को पूरी बात नहीं बताई। कहा कि डॉक्टर ने बोला है कि ऑपरेशन से बच्चा पैदा होगा। आशा पूनम को एक हास्पिटल में ले गई। यहां डॉक्टर ने दो यूनिट ब्लड का 12 हजार और सात हजार ऑपरेशन का जमा करवाया। दो अक्तूबर को ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ। डॉक्टर ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए उसे नगर के दूसरे अस्पताल में भेज दिया। जबकि रविवार की रात कर्मचारियों ने महिला को डिस्चार्ज करने के लिए सात हजार रुपये और देने की बात की लेकिन घरवाले रुपये देने में असमर्थता जताते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई।
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एक अक्तूबर को कोतवाली क्षेत्र के भटौलिया गांव की अनिल मौर्या की पत्नी पूनम बीमार हो गई। गांव की आशा सुखरानी देवी पूनम को लेकर पीएचसी केकराही गई। यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने बताया कि करीब 17 दिन बाद पूनम को प्रसव होगा। अनिल का आरोप है कि आशा ने उन लोगों को पूरी बात नहीं बताई। कहा कि डॉक्टर ने बोला है कि ऑपरेशन से बच्चा पैदा होगा। आशा पूनम को एक हास्पिटल में ले गई। यहां डॉक्टर ने दो यूनिट ब्लड का 12 हजार और सात हजार ऑपरेशन का जमा करवाया। दो अक्तूबर को ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ। डॉक्टर ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए उसे नगर के दूसरे अस्पताल में भेज दिया। जबकि रविवार की रात कर्मचारियों ने महिला को डिस्चार्ज करने के लिए सात हजार रुपये और देने की बात की लेकिन घरवाले रुपये देने में असमर्थता जताते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई।
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