{"_id":"5c12960c42c7925d5b2b164c","slug":"191544721932-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ मां और तीन बच्चों की जली चिता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक साथ मां और तीन बच्चों की जली चिता
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामगढ़। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बरबसपुर गांव में श्मशान घाट पर बृहस्पतिवार की शाम एक ही चिता पर महिला और उसके तीनों मासूम बच्चों का शव जला। मनोज ने फूट-फूट कर रोते हुए पत्नी, बेटे और दो बेटियों को मुखाग्नि दी। वह रह-रह कर अचेत हो जा रहा था। एक साथ चार चिताएं जलती देख लोगों की आंखें भी भर आईं।
बुधवार को विषाक्त पदार्थ खाने से निर्मला, उसकी बेटी आंचल, आकांक्षा और बेटे आदित्य की मौत हो गई थी। देर शाम जिला अस्पताल से घरवाले शवों का पीएम करवा कर घर ले गए। लेकिन मृतका का पति मनोज घर पर नहीं था, इसलिए शव का दाह संस्कार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे निर्मला का पति मनोज मुंबई से घर पहुंचा। पत्नी, बेटे और बेटियों का शव को देख मनोज बेसुध होकर गिर पड़ा। शाम करीब छह बजे गांव में स्थित श्मशान में मनोज ने एक साथ शवों का दाह संस्कार किया। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने पीड़ित परिवार के घर जाकर दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद की। कहा कि जिला प्रशासन से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
बुधवार को विषाक्त पदार्थ खाने से निर्मला, उसकी बेटी आंचल, आकांक्षा और बेटे आदित्य की मौत हो गई थी। देर शाम जिला अस्पताल से घरवाले शवों का पीएम करवा कर घर ले गए। लेकिन मृतका का पति मनोज घर पर नहीं था, इसलिए शव का दाह संस्कार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे निर्मला का पति मनोज मुंबई से घर पहुंचा। पत्नी, बेटे और बेटियों का शव को देख मनोज बेसुध होकर गिर पड़ा। शाम करीब छह बजे गांव में स्थित श्मशान में मनोज ने एक साथ शवों का दाह संस्कार किया। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने पीड़ित परिवार के घर जाकर दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद की। कहा कि जिला प्रशासन से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन