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पेंशन दिलाने के नाम पर पांच लाख हड़पा, केस दर्ज
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:24 PM IST
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सोनभद्र। विधवा पेंशन दिलाने के नाम पर देवर ने निराश्रित महिला के खाते से पांच लाख रुपये ट्रांसर्फर करा लिए। मामले की जानकारी होने पर वंदना ने सूरज के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
कोतवाली के कठपुरवा की रहने वाली वंदना ने बताया कि 30 नवंबर 2015 को उसके पति संजय की मौत हो गई थी। किसान दुघर्टना बीमा योजना के तहत वंदना को सरकार से पांच लाख रुपये मिले थे। देवर सूरज उसे विधवा पेंशन दिलाने के लिए बैंक ले जाना चाहता था। एक जुलाई 2016 को पेंशन दिलाने के लिए वह उसे इलाहाबाद बैंक केकराही ले गया। उससे फार्म पर हस्ताक्षर करवा कर अपने खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कुछ दिन बार वह पुन: बैंक गई तो उसे पता चला कि खाते से पांच लाख रुपये सूरज के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। देवर से रुपये वापस करने के लिए कहां तो वह मारपीट करने पर अमादा हो गया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को घटना की तहरीर दी। 19 सितंबर 2016 को सूरज ने पुलिस के समक्ष लिखित में दिया कि तीन माह के भीतर रुपये वापस कर देगा मगर ऐसा नहीं हुआ। सीओ विवेकानंद तिवारी ने बताया कि वंदना की तहरीर पर उसके देवर सूरज के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कोतवाली के कठपुरवा की रहने वाली वंदना ने बताया कि 30 नवंबर 2015 को उसके पति संजय की मौत हो गई थी। किसान दुघर्टना बीमा योजना के तहत वंदना को सरकार से पांच लाख रुपये मिले थे। देवर सूरज उसे विधवा पेंशन दिलाने के लिए बैंक ले जाना चाहता था। एक जुलाई 2016 को पेंशन दिलाने के लिए वह उसे इलाहाबाद बैंक केकराही ले गया। उससे फार्म पर हस्ताक्षर करवा कर अपने खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कुछ दिन बार वह पुन: बैंक गई तो उसे पता चला कि खाते से पांच लाख रुपये सूरज के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। देवर से रुपये वापस करने के लिए कहां तो वह मारपीट करने पर अमादा हो गया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को घटना की तहरीर दी। 19 सितंबर 2016 को सूरज ने पुलिस के समक्ष लिखित में दिया कि तीन माह के भीतर रुपये वापस कर देगा मगर ऐसा नहीं हुआ। सीओ विवेकानंद तिवारी ने बताया कि वंदना की तहरीर पर उसके देवर सूरज के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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