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डॉक्टर समेत दो लोगों के विरुद्ध एफआईआर का आदेश
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सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश एससी / एसटी एक्ट अशोक कुमार की अदालत ने एससी / एसटी एक्ट के मामले में राबर्ट्सगंज कोतवाल को डॉक्टर समेत दो लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई राबर्ट्सगंज कोतवाली के भवानीपुर गांव निवासी रामपति के जरिए अधिवक्ता सुनील कुमार मालवीय की ओर से दाखिल धारा 156 (3) सीआरपीसी के प्रार्थना पत्र पर हुई है।
रामपति का आरोप है कि 29 नवंबर 2018 को दोपहर 12 बजे जब वह घर पर नहीं था, बहू अकेली थी तभी मधुपुर निवासी सुग्रीव सिंह घर में घुस गया और बहू के साथ छेड़खानी करने लगा। चिल्लाने पर जान मारने की धमकी देते हुए भाग गया। शाम को घर पहुंचने पर बहू ने सारी बात बताई। 30 नवंबर को सुग्रीव सिंह ने जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित किया। इसके अलावा बेरहमी से मारा पीटा। दाहिने हाथ की हड्डी भी तोड़ दिया। एक्सरे कराने गया तो डॉक्टर प्रमोद प्रजापति ने जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। इसकी सूचना थाने को दी गई किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में अदालत ने गंभीर अपराध मानते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश दिया है।
रामपति का आरोप है कि 29 नवंबर 2018 को दोपहर 12 बजे जब वह घर पर नहीं था, बहू अकेली थी तभी मधुपुर निवासी सुग्रीव सिंह घर में घुस गया और बहू के साथ छेड़खानी करने लगा। चिल्लाने पर जान मारने की धमकी देते हुए भाग गया। शाम को घर पहुंचने पर बहू ने सारी बात बताई। 30 नवंबर को सुग्रीव सिंह ने जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित किया। इसके अलावा बेरहमी से मारा पीटा। दाहिने हाथ की हड्डी भी तोड़ दिया। एक्सरे कराने गया तो डॉक्टर प्रमोद प्रजापति ने जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। इसकी सूचना थाने को दी गई किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में अदालत ने गंभीर अपराध मानते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश दिया है।
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