UP News: अधिकारियों से परेशान ठेकेदार ने खाया विषाक्त पदार्थ, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
सोनभद्र के लोक निर्माण विभाग के एक ठेकेदार ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। ठेकेदार ने एक सुसाइड नोट लिखा। जिसमें पीड़ित ने सोनभद्र जिले के लोनिवि के अधिकारियों पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोनभद्र के लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों से परेशान होकर एक ठेकेदार ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। आननफानन परिजनों ने शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर बनी हुई है। ठेकेदार के बेटे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।
नोनहरा थाना क्षेत्र के बवाड़े निवासी और लोनिवि के ठेकेदार श्रीप्रकाश सिंह (55) ने मंगलवार को सोनभद्र जिले के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे पहले ठेकेदार ने एक सुसाइड नोट लिखा। जिसमें पीड़ित ने सोनभद्र जिले के लोनिवि के अधिकारियों पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।
ठेकेदार के पुत्र विकास सिंह ने मामले में पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया है। जिसमें आरोप लगाया कि सोनभद्र जिले के लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता चंद्रप्रकाश, वर्तमान सहायक अभियंता टीपी सिंह एवं वर्तमान अवर अभियंता धनुलाल ने मेरे पिता का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न किया है। जिसकी वजह से पिता ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
विकास ने बताया कि उनके पिता ने करीब 35 लाख रुपये के कार्य कराए हैं। जिसके भुगतान को लेकर मानसिक, आर्थिक तरीके से शोषण किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख न्याय की गुहार लगाई है। वहीं गाजीपुर एसपी को पत्र लिखकर अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
ठेकेदार के भुगतान पर लगाई रोक, एक्सईएन से जवाब तलब
उन्हें दिए जा रहे नाश्ता, भोजन व अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता के बारे में पूछताछ की। प्रभारी को निर्देशित किया कि इन बालकों के घर का पता करते रहें, ताकि उन्हें सकुशल परिजनों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित कराने और बालकों को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की हिदायत दी। इसके बाद डीएम ने बाल गृह बालक को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का आकस्मिक निरीक्षण किया। निर्माणाधीन सीसी रोड के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ठीक नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जांच के लिए एक्सईएन आरईडी को नामित किया। संबंन्धित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने और इस संबंध में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन से स्पष्टीकरण भी तलब किया।