पिता की अर्थी को कंधा देने के लिए करता रहा मिन्नत, पांच घंटे तक जमीन पर पड़ा रहा शव
संक्रमण के भय से दाह संस्कार के लिए कोई नहीं आया बेटे के पास
सोनभद्र के मधुपुर क्षेत्र के परही में कोरोना संक्रमित की मौत का मामला
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कोविड संक्रमण के भय ने लोगों को अंदर तक हिला कर रख दिया है। बुधवार को एक बेटा पिता की अर्थी को कंधा देने के लिए लोगों से मिन्नतें करता रहा लेकिन संक्रमण के भय से उसके पास कोई नहीं आया। मामला सोनभद्र में मधुपुर के सुकृत चौकी क्षेत्र का है।
यहां परही गांव निवासी 53 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद उसका शव पांच घंटे तक जमीन पर पड़ा रहा। मृतक का एकलौता पुत्र पीपीई किट पहनकर पिता की लाश को पैक करा कर दाह संस्कार के लिए लोगों से गुहार लगाता रहा। लेकिन संक्रमण के भय से लोग जाने को तैयार नहीं हुए।
मृतक के बेटे ने बताया कि 18 अप्रैल को तकलीफ होने पर पिता को राबर्ट्सगंज के एक निजी अस्पताल में ले गया। वहां उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। बुधवार की सुबह हालत बिगड़ने पर वह पिता को किसी तरह घर के बाहर
प्राइवेट गाड़ी से ले जाने के लिए ले आया। लेकिन गाड़ी में लिटाने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। इसके बाद परिजनों ने दाह संस्कार के लिए सुरक्षात्मक ढंग से इंतजाम के लिए गुहार लगानी शुरू कर दी। लेकिन सभी जगह से निराशा ही हाथ लगी और हर जगह दाह संस्कार के लिए केवल सुझाव ही मिलता रहा।
काफी जद्दोजहद के बाद दोपहर 2.30 बजे केकराही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक स्वास्थ्य कर्मी सुरक्षा किट लेकर पहुंचा और परिजनों को देते हुए सुरक्षा के साथ दाह संस्कार करने को कहा। मृतक के वृद्ध पिता जहां एक तरफ बैठकर अपनी बेबसी पर आंसू भी नहीं बहा पा रहे थे वही पुत्र अकेले कंधा देने में अपने आप को असमर्थ पा रहा था।
दूर से देखकर आपस में हालात पर चर्चा करने वाले तो कई थे कोई कंधा देने कोई आगे नहीं आया। करीब पांच घंटे तक शव वहीं जमीन पर पड़ा रहा। बाद में शाम चार बजे गांव के तीन युवक दाह संस्कार कराने के लिए तैयार हुए। खुद सुरक्षा किट पहनकर शव को वाहन में रखवाया और अंतिम संस्कार के लिए ले गए।