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कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण ठप
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दुद्धी। कोरोना के कारण जिले की बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण ठप हो गया है। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्य स्थल पर न पहुंच पाने से काम बंद है। इस सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के दुद्धी व चोपन ब्लाक के सभी 108 गांवों के असिंचित पड़े भूमि पर सिंचाई हो सकेगी। फिलहाल परियोजना का निर्माण पूर्ण होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि जून के मध्य से ही बारिश की संभावना के मद्देनजर कार्य बंद कर दिया जाता है।
इस परियोजना को 2020-21 में पूरा होना है लेकिन जिस तरह से कार्य ठप है उससे निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण होने की संभावना नहीं है। कोरोना वायरस के डर से लोग जहां-तहां पड़े हुए हैं और परियोजना भी जहां थी वहां डेढ़ वर्ष में पड़ी हुई है। निर्माण पूरा होने पर यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान है। लोगों के विकास व किसानों के लिए सिंचाई का मार्ग प्रशस्त होगा। शासन ने कुछ महीने पहले परियोजना के निर्माण कार्य के लिए 41 करोड़ रुपये दिए थे। उसके बाद से परियोजना में छिटपुट काम चला। उसके बाद बांध पर पत्थर सेटिंग का कार्य दोनों छोर पर धीमी गति से चल रहा है। इस वर्ष खुले बांध के रॉक फिलिंग को बांधने की तैयारी थी लेकिन कोरोना ने बांध के निर्माण में बाधा खड़ी कर दी है। बांध के लगने वाले फाटक की डिजाइन के इंजीनियरों के न आने के चलते विलंब होने की बात बताई जा रही है। बांध निर्माण से जुड़े अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि परियोजना पर छिटपुट कार्य चल रहे है। कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी का खतरा शांत होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
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इस परियोजना को 2020-21 में पूरा होना है लेकिन जिस तरह से कार्य ठप है उससे निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण होने की संभावना नहीं है। कोरोना वायरस के डर से लोग जहां-तहां पड़े हुए हैं और परियोजना भी जहां थी वहां डेढ़ वर्ष में पड़ी हुई है। निर्माण पूरा होने पर यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान है। लोगों के विकास व किसानों के लिए सिंचाई का मार्ग प्रशस्त होगा। शासन ने कुछ महीने पहले परियोजना के निर्माण कार्य के लिए 41 करोड़ रुपये दिए थे। उसके बाद से परियोजना में छिटपुट काम चला। उसके बाद बांध पर पत्थर सेटिंग का कार्य दोनों छोर पर धीमी गति से चल रहा है। इस वर्ष खुले बांध के रॉक फिलिंग को बांधने की तैयारी थी लेकिन कोरोना ने बांध के निर्माण में बाधा खड़ी कर दी है। बांध के लगने वाले फाटक की डिजाइन के इंजीनियरों के न आने के चलते विलंब होने की बात बताई जा रही है। बांध निर्माण से जुड़े अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि परियोजना पर छिटपुट कार्य चल रहे है। कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी का खतरा शांत होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
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