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Sonebhadra News: मौके पर गए बिना ही शिकायतों का समाधान, सत्यापन में हुआ उजागर

Mon, 28 Apr 2025 11:26 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Apr 2025 11:26 PM IST
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Complaints were resolved without visiting the spot, revealed during verification
सोनभद्र। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायताें के निस्तारण में अफसर रुचि नहीं ले रहे। मौके पर गए बिना ही रिपोर्ट लगाकर निस्तारण कर दिया जा रहा है। नतीजा यह है कि रिकॉर्ड में तो शिकायतें हल हो रही हैं, जबकि मौके पर जस की तस है। अप्रैल के 25 दिनों में आए 970 प्रार्थना पत्रों में से 585 के निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हैं। सिर्फ 385 प्रार्थना पत्रों के निस्तारण पर ही फरियादियों ने संतुष्टि जताई है।
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जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए आईजीआरएस पोर्टल की सुविधा दी गई है। सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई सहित अन्य माध्यमों से आने वाली शिकायतों की पोर्टल के माध्यम से निगरानी कराई जाती है। अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत की मौके पर जाकर जांच करें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट हो सके। बाद में इस पर फीडबैक भी लें। ज्यादातर विभागों ने शिकायतों का निस्तारण अधीनस्थ कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया है। कर्मचारी जो रिपोर्ट लगा रहे हैं, उसे ही सत्य मानकर अफसर भी शिकायत निस्तारित कर दे रहे हैं। उनकी ओर से न मौके पर जांच की जा रही है और न ही शिकायतकर्ता से संपर्क साधा जा रहा है। पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें शिकायत से इतर रिपोर्ट लगाकर इतिश्री कर ली गई थी। बाद में डीएम की ओर से सभी विभागों को हिदायत भी दी गई थी, बावजूद शिकायतों के निस्तारण को लेकर रवैया में सुधार नहीं हो रहा है। इसका नतीजा है कि एक से 25 अप्रैल के मध्य आई शिकायतों पर हुई कार्रवाई के बारे में जांच की गई तो अधिकांश विभागों की रिपोर्ट से शिकायकर्ता संतुष्ट नहीं मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में 970 संदर्भों में से मात्र 385 संदर्भ संतुष्ट और 585 संदर्भ असंतुष्ट फीडबैक के प्राप्त हुए हैं। अधिकांश संदर्भों में न तो शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और न तो स्थलीय सत्यापन ही किया गया है। शासन स्तर पर मात्र संतुष्ट फीडबैक पर ही जनपद की रैंक निर्धारित की जाती है। असंतोषजनक फीडबैक केवल निर्धारित समय में निस्तारण करने एवं शिकायतकर्ता से वार्ता न करने के कारण आ रहे हैं। ऐसे में संदर्भों की सूची शिकायत प्रकोष्ठ से लेकर संबंधित अधिकारियों को उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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चारों एसडीएम, तहसीलदार, 10 बीडीओ, एडीओ समेत 56 का वेतन रोका
शिकायतों के निस्तारण में अफसरों की लापरवाही पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही बरतने पर सभी चारों तहसील के एसडीएम, तहसीलदार, सभी दस ब्लॉकों के बीडीओ, एडीओ पंचायत, सीएमओ, डीपीआरओ समेत 56 अधिकारियों के अप्रैल के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। इसमें पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन, बिजली निगम के रॉबर्ट्सगंज व पिपरी डिविजन के एक्सईएन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा ज्येष्ठ खान अधिकारी, एक्सईएन जलनिगम (ग्रामीण), जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी कोन, चोपन व बभनी भी शामिल हैं। इनके अलावा राॅबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी, ओबरा, चोपन, पन्नूगंज, कोन, पिपरी, अनपरा, विंढमगंज, करमा, बीजपुर, म्योरपुर, रायपुर, बभनी थाने के प्रभारी निरीक्षक का भी वेतन रोका गया है।
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आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों की नियमित निगरानी कराई जा रही है। सत्यापन में अधिकांश मामले में शिकायकर्ताओं के असंतुष्ट होने का फीडबैक निस्तारण में लापरवाही को उजागर करता है। लिहाजा संबंधित अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाई गई है। उन्हें शिकायतों की जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। - बद्रीनाथ सिंह, डीएम।
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