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गार्ड की मौत पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:57 PM IST
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शहर कोतवाली क्षेत्र के रौप गांव में सड़क निर्माण कार्य करा रही चेतक कंपनी के स्टोर रूम पर सोमवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में सुरक्षा गार्ड गामा (50) निवासी वार की मौत हो गई।
जिला अस्पताल में लावारिस हाल में गार्ड का शव छोड़ कर कर्मचारी भाग गए। मंगलवार की सुबह जानकारी होने पर ग्रामीणों के साथ परिवारजन अस्पताल से शव ले जाकर कंपनी के स्टोर के समीप वाराणसी-शक्तिनगर पर जाम लगा दिया।
एसडीएम हर्षदेव पांडेय और सीओ ने कंपनी की ओर से पांच लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद लोग शांत नहीं हुए तो फोर्स ने कड़ा रुख अपना कर जाम समाप्त करा दिया।
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पुलिस के मुताबिक चुर्क पुलिस चौकी क्षेत्र के वार गांव निवासी गामा मौर्य चेतक कंपनी में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत थ। सोमवार की अर्धरात्रि के बाद गामा की तबीयत खराब होने पर कंपनी के अन्य कर्मचारी उसे जिला अस्पताल ले गए। यहां डाक्टर ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
शव को छोड़ कर कर्मचारी चले गए। मंगलवार की सुबह आठ बजे मृतक के घरवालों को घटना की जानकारी हुई। लगभग 11 बजे ग्रामीणों के साथ घरवाले कंपनी के स्टोर रूम के पास शव रख कर सड़क पर जाम कर दिया।
हिंदुआरी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य विनोद मौर्य और चुर्क जिला पंचायत सदस्य मनोज सोनकर मौके पर पहुंचे तो मामला गरम हो गया। प्रभारी कोतवाल यूपी यादव नाराज लोगों को समझाबुझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए।
इसके बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय और सीओ सच्चिदानंद की बात मानने से जाम करने वाले इंकार कर दिया। उनका कहना था कि कंपनी मृतक केे आश्रितों को दस लाख रुपये मुआवजा दें। दो बजे एसडीएम ने पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तो लोग तत्काल मांगने लगे।
इसी बीच पुलिसकर्मी वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया। इससे नाराज होकर कुछ ग्रामीण पत्थर लेकर कार पर हमला करने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मी कड़ा रुख अख्तियार कर वाहनों को रोकने वालों को धक्कामुक्की कर हटा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया। राजमार्ग पर तीन घंटे जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ करीब पांच किमी वाहनों की लाइन लग गई थी।
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जिला अस्पताल में लावारिस हाल में गार्ड का शव छोड़ कर कर्मचारी भाग गए। मंगलवार की सुबह जानकारी होने पर ग्रामीणों के साथ परिवारजन अस्पताल से शव ले जाकर कंपनी के स्टोर के समीप वाराणसी-शक्तिनगर पर जाम लगा दिया।
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एसडीएम हर्षदेव पांडेय और सीओ ने कंपनी की ओर से पांच लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद लोग शांत नहीं हुए तो फोर्स ने कड़ा रुख अपना कर जाम समाप्त करा दिया।
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पुलिस के मुताबिक चुर्क पुलिस चौकी क्षेत्र के वार गांव निवासी गामा मौर्य चेतक कंपनी में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत थ। सोमवार की अर्धरात्रि के बाद गामा की तबीयत खराब होने पर कंपनी के अन्य कर्मचारी उसे जिला अस्पताल ले गए। यहां डाक्टर ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
शव को छोड़ कर कर्मचारी चले गए। मंगलवार की सुबह आठ बजे मृतक के घरवालों को घटना की जानकारी हुई। लगभग 11 बजे ग्रामीणों के साथ घरवाले कंपनी के स्टोर रूम के पास शव रख कर सड़क पर जाम कर दिया।
हिंदुआरी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य विनोद मौर्य और चुर्क जिला पंचायत सदस्य मनोज सोनकर मौके पर पहुंचे तो मामला गरम हो गया। प्रभारी कोतवाल यूपी यादव नाराज लोगों को समझाबुझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए।
इसके बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय और सीओ सच्चिदानंद की बात मानने से जाम करने वाले इंकार कर दिया। उनका कहना था कि कंपनी मृतक केे आश्रितों को दस लाख रुपये मुआवजा दें। दो बजे एसडीएम ने पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तो लोग तत्काल मांगने लगे।
इसी बीच पुलिसकर्मी वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया। इससे नाराज होकर कुछ ग्रामीण पत्थर लेकर कार पर हमला करने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मी कड़ा रुख अख्तियार कर वाहनों को रोकने वालों को धक्कामुक्की कर हटा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया। राजमार्ग पर तीन घंटे जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ करीब पांच किमी वाहनों की लाइन लग गई थी।