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ठंडक ने दी दस्तक, बीमार हो सकते हैं बच्चे

Wed, 28 Oct 2020 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 11:39 PM IST
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Cold knock, children can become ill
सोनभद्र। मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। बारिश के बाद अब ठंडक ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम ठंड लगने लगी है। इससे बच्चे बीमार हो सकते हैं। ऐसे में नौनिहालों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इससे बच्चों को बुखार भी हो जाता है, जिससे काफी दिक्कत होती है। ऐसे में बच्चों को सुबह धूप में कुछ देर बैठाने की मशविरा चिकित्सक दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों के साथ ही वृद्धों को भी ठंड से बचाव पर विशेष ख्याल रखना चाहिए।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम बहादुर गौतम कहते हैं कि बदलते मौसम में बच्चों की देखभाल में थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों के लिए घातक होती है और अभिभावकों को मुश्किल में डाल देती है। उनका कहना है कि इस दौरान बच्चों को सर्दी जुकाम, बुखार आदि की शिकायत होती है। ज्यादातर बच्चों को कफ जमने से छाती में इंफेक्शन की भी शिकायत होती है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति तनिक भी लापरवाही घातक साबित हो सकती है। स्थिति बिगड़ने पर बच्चे ज्यादा बीमार पड़ जाते हैं और बच्चे को समय पर उपचार नहीं दिए जाने की स्थिति में उसे डायरिया भी अपनी चपेट में ले लेता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके सिंह ने बताया कि बच्चे को कुछ देर धूप में बैठाएं या फिर उन्हें धूप में खेलने दें ताकि ठंड का ज्यादा असर न हो। बच्चों को सुबह-शाम सिर पर टोपी, पैरों में मोजा जूता आदि पहनाएं ताकि उन्हें ठंड न लगे। उन्हें पूरी बाजू के कपड़े पहनाकर रखें और गर्मी लगने पर सभी कपड़े एक साथ न निकालने दें। यह सब करने में भी यदि परेशानी होती है तो बच्चे को डॉक्टर को अवश्य दिखाएं। ज्यादातर अभिभावक बच्चों का पहले घरेलू उपचार करते हैं। इससे बचने की जरूरत है। बच्चे को ठंड लगने पर किसी भी तरह की दिक्कत हो तो उसे अस्पताल ले जाकर डॉक्टर दिखाएं ताकि समय से सही उपचार हो सके।
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कोट
बच्चे नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें बदलता हुआ मौसम ज्यादा प्रभावित करता है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों को सजग रहने की जरूरत है।
डॉ. वीके सिंह , बाल रोग विशेषज्ञ
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