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Sonebhadra News: एथलेक्टिस और तीरंदाजी के ही कोच, दूसरे खेलों की खुद करें तैयारी

Thu, 29 Aug 2024 04:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 04:28 AM IST
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Coaches only for athletics and archery, prepare for other sports yourself
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए दावे तो खूब हो रहे हैं, लेकिन संसाधन नहीं मिल रहे। जिला स्टेडियम में प्रमुख खेलों के लिए न कोच हैं और न ही कोई अन्य सुविधा। कुश्ती, कबड्डी, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन जैसे खेलों के लिए प्रतिभाओं को कोच का इंतजार है।
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बॉस्केटबाल के लिए कोर्ट बना है तो लंबे समय से कोई प्रशिक्षक ही नहीं है। सदर ब्लॉक के तियरा में विशिष्ट स्पोर्टस स्टेडियम का निर्माण किया गया है। इसी ग्राउंड में सभी खेलों के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। एक तरफ एथलेक्टिस होता है तो दूसरी ओर फुटबाल और तीरंदाजी।
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कई बार खेल विशेष के लिए दूसरे खेलों को बंद कराना पड़ता है। स्टेडियम में तीरंदाजी के तीन कोच हैं। इसके अलावा एथलेटिक्स, वॉलीबाल और फुटबाल के भी एक कोच की तैनाती है। यहां कुश्ती, हॉकी, बैडमिंटन, बास्केटबाल, कबड्डी, क्रिकेट, भारोत्तोलन सहित अन्य खेलों के लिए कोई कोच ही नहीं है।
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वर्षों से पद खाली पड़े हैं। ऐसे में खिलाड़ी आते भी हैं तो उन्हें अच्छे प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। स्टेडियम में बास्केटबाल के लिए लाखों रुपये खर्च कर अलग से कोर्ट बनवाया गया था। वर्षों बाद भी यहां कोई प्रशिक्षक की तैनाती न होने से कोर्ट शोपीस बना हुआ है।
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पहाड़ी पर हॉकी खेल रहे खिलाड़ी
राष्ट्रीय खेल हॉकी के लिए जिले में कोई ग्राउंड नहीं है। यह स्थिति तब है, जबकि यहां हॉकी के कई प्रतिभावान खिलाड़ी मौजूद हैं। चुर्क के पास पहाड़ी को अपने प्रयासों से समतल कर वह हॉकी का अभ्यास कर रहे हैं। रोजाना 30-35 बच्चे इसमें हॉकी खेलते दिख जाएंगे।
खास बात यह कि उबड़-खाबड़ पहाड़ी पर ही खेलकर इनमें से कई बच्चे अंडर-14, 17, 19 आयु वर्ग की राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में प्रतिभा दिखा चुके हैं। महिमा रावत, रंजना केशरी लखनऊ की साई सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं तो आकाश यादव ओडिशा में सेल की एकेडमी तक पहुंचे।
हॉकी खिलाड़ी अमरजीत यादव बताते हैं कि यहां के खिलाड़ियों में प्रतिभा बहुत है, लेकिन ग्राउंड न होने से उनकी मेहनत जाया हो रही है। पूर्व में अलग ग्राउंड के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, मगर मंजूरी नहीं मिली।

जिला खेल अधिकारी शमीम अहमद का कहना है कि स्टेडियम में रोजाना विभिन्न खेलों के 500 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने जाते हैं। ग्राउंड मल्टीपरपज है। इसमें सभी खेल गतिविधियां आयोजित हैं। प्रमुख खेलों के कोच उपलब्ध हैं। जो पद रिक्त हैं, उसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है। खेल सुविधाओं के विकास के लिए हरसंभव प्रयास जारी है।
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