{"_id":"67ead56ce0ea02984b094dd2","slug":"children-will-be-welcomed-by-applying-tilak-halwa-puri-will-be-served-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-126328-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: तिलक लगाकर होगा बच्चों का स्वागत, परोसा जाएगा हलवा-पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: तिलक लगाकर होगा बच्चों का स्वागत, परोसा जाएगा हलवा-पूरी
विज्ञापन
नए शिक्षण सत्र की शुरुआत मंगलवार से होगी। पहले दिन स्कूल पहुंचने वाले बच्चों का भव्य स्वागत होगा। शिक्षक उन्हें तिलक लगाएंगे, फूल बरसाएंगे। यही नहीं मिड-डे-मील में भी बच्चों को हलवा, पूरी और खीर पराेसा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं।
बच्चों के स्कूल का पहला दिन ऐसा होगा, जिससे वह नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित हों। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 2061 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 2024-25 में इन विद्यालयों में 220348 बच्चों का पंजीकरण हुआ था। चार वर्षों में करीब 51 हजार बच्चों की संख्या कम हुई है।
इस सत्र में विभाग का नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर है। इसके मद्देनजर पहले दिन से ही काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव को भव्य बनाया जाना है। बच्चों का स्कूल के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए उसे गुब्बारों से सजाया जाएगा।
विज्ञापन
गेट पर ही बच्चों का रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उन पर फूल बरसाते हुए शिक्षक विद्यालय में प्रवेश कराएंगे। कक्षाओं में रुचिकर गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। साथ ही मिड-डे-मील में उन्हें पूरी, हलवा या खीर सहित अन्य पकवान परोसने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल खुलने के साथ ही पहले दिन से स्कूल चलो अभियान की भी शुरुआत की जाएगी। बच्चों को सत्र के पहले दिन ही किताबें भी मुहैया कराने के निर्देशों के तहत बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों को किताबें भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जर्जर भवन और बिजली विहीन स्कूलों में होगी दुर्दशा
परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर सरकार लगातार जोर दे रही है, बावजूद जिले में कई विद्यालयों के भवन का कायाकल्प अब तक नहीं हो पाया है। जर्जर दीवारों, भवनों के नीचे बैठकर वहां बच्चों को पढ़ाई करनी होगी। बेंच-कुर्सी की जगह स्कूल की फर्श पर दरी बिछाकर बच्चे बैठेंगे। करीब डेढ़ सौ स्कूलों में अब तक विद्युतीकरण का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। लिहाजा गर्मी में वहां बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
एक अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत हो रही है। सभी स्कूलों में प्रवेशोत्सव को भव्य रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जो भी कमियां रहीं है, उन्हें पहले ही दुरुस्त करने को भी कहा गया था। इस बार स्कूल चलो अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में नामांकन बढ़ाने पर जोर रहेगा। सभी शिक्षक पहले दिन से ही इस कार्य में लगेंगे। -मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।
विज्ञापन
बच्चों के स्कूल का पहला दिन ऐसा होगा, जिससे वह नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित हों। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 2061 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 2024-25 में इन विद्यालयों में 220348 बच्चों का पंजीकरण हुआ था। चार वर्षों में करीब 51 हजार बच्चों की संख्या कम हुई है।
विज्ञापन
इस सत्र में विभाग का नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर है। इसके मद्देनजर पहले दिन से ही काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव को भव्य बनाया जाना है। बच्चों का स्कूल के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए उसे गुब्बारों से सजाया जाएगा।
विज्ञापन
गेट पर ही बच्चों का रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उन पर फूल बरसाते हुए शिक्षक विद्यालय में प्रवेश कराएंगे। कक्षाओं में रुचिकर गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। साथ ही मिड-डे-मील में उन्हें पूरी, हलवा या खीर सहित अन्य पकवान परोसने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल खुलने के साथ ही पहले दिन से स्कूल चलो अभियान की भी शुरुआत की जाएगी। बच्चों को सत्र के पहले दिन ही किताबें भी मुहैया कराने के निर्देशों के तहत बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों को किताबें भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जर्जर भवन और बिजली विहीन स्कूलों में होगी दुर्दशा
परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर सरकार लगातार जोर दे रही है, बावजूद जिले में कई विद्यालयों के भवन का कायाकल्प अब तक नहीं हो पाया है। जर्जर दीवारों, भवनों के नीचे बैठकर वहां बच्चों को पढ़ाई करनी होगी। बेंच-कुर्सी की जगह स्कूल की फर्श पर दरी बिछाकर बच्चे बैठेंगे। करीब डेढ़ सौ स्कूलों में अब तक विद्युतीकरण का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। लिहाजा गर्मी में वहां बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
एक अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत हो रही है। सभी स्कूलों में प्रवेशोत्सव को भव्य रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जो भी कमियां रहीं है, उन्हें पहले ही दुरुस्त करने को भी कहा गया था। इस बार स्कूल चलो अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में नामांकन बढ़ाने पर जोर रहेगा। सभी शिक्षक पहले दिन से ही इस कार्य में लगेंगे। -मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।