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Sonebhadra News: बिना किताबों के पढ़ रहे कक्षा एक से तीन तक के बच्चे
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र शुरू होने के एक माह बाद भी निदेशालय से निशुल्क किताबों की खेप नहीं आ सकी है। ऐसे में कक्षा एक से तीन तक के बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं। इनके लिए करीब 80 हजार पुस्तकें आनी हैं।
जिले में 2070 परिषदीय विद्यालयों में 2 लाख से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। विद्यालयों में पहली से आठवीं के बच्चों के लिए निशुल्क यूनिफार्म, पाठ्यपुस्तक सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।
नियम के तहत नए शिक्षा सत्र अप्रैल में ही सभी बच्चों को किताबें मिल जानी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। विभाग की ओर से कक्षा 4 से आठ तक के बच्चों को ही किताबें उपलब्ध कराई गई हैं।
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जबकि कक्षा एक,दो और तीन के बच्चों को किताबों और कार्य पुस्तिकाओं का वितरण अभी तक नहीं किया गया। इसकी बड़ी वजह क्रयादेश भेजना है।
विभाग ने मार्च महीने में कक्षा एक, दो और तीन के बच्चों के लिए 80 हजार से अधिक पुस्तकों के लिए क्रयादेश भेजा था। इसके तहत 90 दिन के अंदर इनकी आपूर्ति होनी है। नए सत्र को एक महीने हो चुके हैं।
कक्षा एक में नए नामांकन के साथ ही कक्षाेन्नति के बाद कक्षा एक के बच्चे दो में और कक्षा दो के बच्चे कक्षा तीन में पहुंच गए हैं। पुस्तकें नहीं मिलने से निजी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई कराने के दावों के बीच बेसिक स्कूलोंं में कक्षा एक, दो और तीन के बच्चे बिना पुस्तकों के पढ़ाई कर रहे हैं।
मार्च महीने में ही किताबों के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है। जल्द ही इनकी आपूर्ति होगी। इसके बाद इनका वितरण कराया जाएगा।
-मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।
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जिले में 2070 परिषदीय विद्यालयों में 2 लाख से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। विद्यालयों में पहली से आठवीं के बच्चों के लिए निशुल्क यूनिफार्म, पाठ्यपुस्तक सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।
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नियम के तहत नए शिक्षा सत्र अप्रैल में ही सभी बच्चों को किताबें मिल जानी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। विभाग की ओर से कक्षा 4 से आठ तक के बच्चों को ही किताबें उपलब्ध कराई गई हैं।
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जबकि कक्षा एक,दो और तीन के बच्चों को किताबों और कार्य पुस्तिकाओं का वितरण अभी तक नहीं किया गया। इसकी बड़ी वजह क्रयादेश भेजना है।
विभाग ने मार्च महीने में कक्षा एक, दो और तीन के बच्चों के लिए 80 हजार से अधिक पुस्तकों के लिए क्रयादेश भेजा था। इसके तहत 90 दिन के अंदर इनकी आपूर्ति होनी है। नए सत्र को एक महीने हो चुके हैं।
कक्षा एक में नए नामांकन के साथ ही कक्षाेन्नति के बाद कक्षा एक के बच्चे दो में और कक्षा दो के बच्चे कक्षा तीन में पहुंच गए हैं। पुस्तकें नहीं मिलने से निजी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई कराने के दावों के बीच बेसिक स्कूलोंं में कक्षा एक, दो और तीन के बच्चे बिना पुस्तकों के पढ़ाई कर रहे हैं।
मार्च महीने में ही किताबों के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है। जल्द ही इनकी आपूर्ति होगी। इसके बाद इनका वितरण कराया जाएगा।
-मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।