कोयले में मिलावट का खेल: चार साल से रेलवे साइडिंग पर पहुंच रही थी चारकोल की खेप, अब तक मिलियन टन कोयले का गबन
कृष्णशीला रेलवे साइडिंग बड़ी मात्रा में कोयला मिलने और इसकी जानकारी एनसीएल के अधिकारियों को न होने की बात बीते शनिवार को सामने आई। इसके बाद एक्शन में आए रेलवे, पुलिस, एनसीएल व प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इसकी जानकारी खंगालनी शुरू की।
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एनसीएल की कृष्णशीला रेलवे साइडिंग पर चल रहा कोयले में मिलावट का खेल एक-दो नहीं पूरे चार साल से चल रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब मंगलवार को खुद एनसीएल सीएमडी ने मामले की जानकारी ली और कृष्णशीला रेलवे साइडिंग का निरीक्षण किया। स्टेशन मैनेजर से पूछताछ में 2018 से स्टेशन के समीप स्थित भंडारण के पास चारकोल की खेप आने का पर्दाफाश हुआ।
चार सालों से जारी खेल में न जाने कितने मिलियन टन कोयले का गबन कर चुके कारोबारी अब अधिकारियों की नजरों से बच रहे हैं। कृष्णशीला रेलवे साइडिंग बड़ी मात्रा में कोयला मिलने और इसकी जानकारी एनसीएल के अधिकारियों को न होने की बात बीते शनिवार को सामने आई।
इसके बाद एक्शन में आए रेलवे, पुलिस, एनसीएल व प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इसकी जानकारी खंगालनी शुरू की। एनसीएल सीएमडी भोला सिंह ने भी बुधवार को भंडारण का मौका मुआयना कर संबंधितों से जानकारी ली। प्राप्त जानकारी में चार सालों से चल रहे कोयले में मिलावट के खेल का मामला सामने आया। चार सालों से एक ही स्थान पर चल रही इतनी बड़ी धांधली की खबर एनसीएल प्रबंधन के अधिकारियों को न होना खुद उन्हें कठघरे में खड़ा कर रही है।
बड़े-बड़े कारोबारियों के नामों का उजागर होना तय
सीएमडी ने निरीक्षण के बाद चारकोल और वहां एकत्रित कोयले के सैंपल इकट्ठा कर उसकी जांच करने के भी आदेश दिए हैं। इसके साथ ही प्रबंधन के अधिकारियों को जांच विभागों की पूरी सहायता करने की हिदायत दी है। एक मिलियन टन कोयला मिलने के बाद प्रारंभ हुई जांच में बड़े-बड़े कारोबारियों के नामों का उजागर होना तय है।
हालांकि अब तक अधिकारियों के पास कोयले व चारकोल के स्वामित्व की फाइल लेकर एक भी कारोबारी नहीं पहुंचा है। चार सालों से कोयले का कारोबार कर व्यापारियों ने मोटी रकम तो कमाई है लेकिन इस जांच और सीज किए गए कोयले ने सभी के पसीने छुड़ा दिए हैं। अब अधिकारियों के दफ्तरों में एक भी कारोबारी या उनके गुर्गे पहुंच कर इस कोयले का स्वामित्व लेने से भी कतरा रहे हैं।
लावारिस हुई रेल रैक को रेलवे ने कराया खाली, मंगाने वाली कारोबारी फर्म पर नहीं खोला मुंह
कोयला खदान क्षेत्र में रेल रैक से चारकोल आना ही मिलावट के खेल को साफ जाहिर कर रहा है। सूत्रों की मानें तो भंडारित कोयला पावर प्लांटों को भेजे जाने वाले लिंकेज कोयला का ही हिस्सा हो सकता है। लिंकेज कोयले में चारकोल की मिलावट कर उसे पावर प्लांटों को भेज दिया गया, उससे हुई अतिरिक्त मात्रा को यहां भंडारित कर बाजार में पहुंचाया जाता रहा है।