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बिना फिटनेस दौड़ रहे 11 स्कूल वाहनों का चालान

Tue, 26 Apr 2022 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:15 PM IST
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Challan for 11 school vehicles running without fitness
लोढ़ी स्थित एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस कराने पहुंचा स्कूल वाहन। - फोटो : SONBHADRA
गाजियाबाद की घटना से सबक लेते हुए शासन की तरफ से जिले स्तर पर लगातार जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तीसरे दिन मंगलवार को एआरटीओ और पीटीओ की टीम ने दक्षिणांचल के विद्यालयों में जाकर वाहनों की चेेकिंग की। इस दौरान फिटनेस में फेल 11 स्कूल वाहनों का चालान किया गया। विद्यालय प्रबंधन को वाहनों का फिटनेस कराने के बाद ही सड़क पर निकलने का अल्टीमेटम दिया गया।
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एआरएटीओ प्रवर्तन धनवीर यादव ने बताया कि रेणुकूट में संचालित छह नामी प्राइवेट विद्यालयों में जाकर वाहनों की चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान एक विद्यालय में तीन वाहनों का और दो अन्य विद्यालय में एक-एक वाहनों का चालान किया गया। नगर स्थित एक नामी विद्यालय में दस बस मिले। इसमें सभी बसों का फिटनेस सही मिला। तीन वाहनों का एनओसी नहीं था, हालांकि एनओसी न होने से विद्यालय प्रबंधन की तरफ से पहले से ही तीनों वाहनों को पहिया निकालकर विद्यालय परिसर में ही खड़ा कराया गया है। इस पर एआरटीओ ने वाहनों का एनओसी कराने के बाद ही सड़क पर निकलने की हिदायत दी। वहीं पीटीओ विकास अस्थाना की टीम ने अलग-अलग विद्यालय में जाकर फिटनेस फेल कुल छह वाहनों का चालान किया। विद्यालय प्रबंधन से 30 अप्रैल तक वाहनों का फिटनेस कराने लेने का निर्देश दिया गया। चेताया कि यदि एक मई से सड़क पर बिना फिटनेस कराए स्कूल वाहन दौड़ते देखे गए तो उनके खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी।
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बिना फिटनेस के दौड़ रहे प्राइवेट वाहन से ज्यादा खतरा
जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज में कई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज हैं जिनके पास खुद का वाहन तो नहीं है लेकिन चार पहिया प्राइवेट वाहनों से बच्चे स्कूल आते-जाते है। धुआं उगलते इन वाहनों में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्कूल संचालकों की शह पर कहें या फिर अभिभावकों की लापरवाही, कई विद्यालयों में टेम्पो से बच्चों को ढोया जा रहा है। तेज गति में दौड़ रहे टेम्पो में बैठे छोटे-छोटे बच्चों के गिरने का डर बना रहता है। नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई वाहनों का संचालन हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जिन वाहनों से बच्चों को ज्यादा खतरा है, उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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फिटनेस कराने पहुंच रहे वाहन
विभागीय कार्रवाई का असर अब दिखने लगा है। फिटनेस कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय स्कूल वाहन पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ओबरा में संचालित एक प्राइवेट विद्यालय का वाहन फिटनेस कराने पहुंचा था। इसी तरह अन्य विद्यालय संचालक भी वाहनों का फिटनेस कराने एआरटीओ कार्यालय जा रहे हैं।

रेणुकूट में स्कूल वाहनों की जांच करते एआरटीओ की टीम।

रेणुकूट में स्कूल वाहनों की जांच करते एआरटीओ की टीम।- फोटो : SONBHADRA

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