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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 16 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर सरकारी धन हजम करने के मामले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, दो अपर मुख्य अधिकारी समेत 16 लोगों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर चौधरी यशवंत सिंह की तहरीर पर हुई है। सोमवार को पुलिस सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने में जुटी रही।
पुलिस ने बताया कि वादी चौधरी यशवंत सिंह ने तहरीर के माध्यम से अवगत कराया है कि मई 2017 में जिला पंचायत की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से निविदा कराई गई थी और जून में इसका वर्क आर्डर भी जारी किया गया। अनुबंध के तहत सड़कों के निर्माण में जिला पंचायत को विटूमिन और इमल्सन की आपूर्ति करनी थी लेकिन जिला पंचायत ने यह आपूर्ति नहीं की। इतना ही नहीं सड़कों का निर्माण भी नहीं हुआ। इसके बावजूद कागज पर काम दिखाकर मार्च 2018 में धनराशि निकाल ली गई। इस मामले में उन्होंने कई स्थानों पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हार कर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने बीते 28 जुलाई को परिवाद स्वीकार करते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, अपर मुख्य अधिकारी वीसी पंत, तत्कालीन एएमए वर्तिका, अवर अभियंता जसवंत चौहान, रमेश राम चौरसिया, बलिराम, ठेकेदार श्यामलाल, राममूर्ति, रामनिवास यादव, रमाशंकर, अजीत कुमार, अनिल कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, संतोष राय, परामर्शदाता विनोद कुमार श्रीवास्तव, लेखाकार अजय शर्मा के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। उधर सोमवार को विवेचक कांशीराम चौकी प्रभारी बृजेश दूूबे साक्ष्य एकत्र करने में जुटे रहे।
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पुलिस ने बताया कि वादी चौधरी यशवंत सिंह ने तहरीर के माध्यम से अवगत कराया है कि मई 2017 में जिला पंचायत की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से निविदा कराई गई थी और जून में इसका वर्क आर्डर भी जारी किया गया। अनुबंध के तहत सड़कों के निर्माण में जिला पंचायत को विटूमिन और इमल्सन की आपूर्ति करनी थी लेकिन जिला पंचायत ने यह आपूर्ति नहीं की। इतना ही नहीं सड़कों का निर्माण भी नहीं हुआ। इसके बावजूद कागज पर काम दिखाकर मार्च 2018 में धनराशि निकाल ली गई। इस मामले में उन्होंने कई स्थानों पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हार कर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने बीते 28 जुलाई को परिवाद स्वीकार करते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, अपर मुख्य अधिकारी वीसी पंत, तत्कालीन एएमए वर्तिका, अवर अभियंता जसवंत चौहान, रमेश राम चौरसिया, बलिराम, ठेकेदार श्यामलाल, राममूर्ति, रामनिवास यादव, रमाशंकर, अजीत कुमार, अनिल कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, संतोष राय, परामर्शदाता विनोद कुमार श्रीवास्तव, लेखाकार अजय शर्मा के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। उधर सोमवार को विवेचक कांशीराम चौकी प्रभारी बृजेश दूूबे साक्ष्य एकत्र करने में जुटे रहे।
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