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सेवानिवृत्त दो परियोजना प्रबंधक समेत छह के खिलाफ केस

Thu, 07 Jul 2022 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 11:09 PM IST
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Case against six including two retired project managers
सदर कोतवाली पुलिस ने गरीबों को आवास मुहैया कराने में उदासीनता और काम अधूरा छोड़कर पूरा पैसा निकालने वाली कार्यदायी संस्था के सेवानिवृत्त तत्कालीन दो प्रबंधकों समेत छह के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय की तहरीर पर हुई है। आरोपियों के ऊपर आवासों के निर्माण के करोड़ों रुपये हजम करने का आरोप है।
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पुलिस ने बताया कि वादी ने तहरीर देकर अवगत कराया है कि सीएंडडीएस यूनिट 38 सोनभद्र को आईएचएसडीपी योजना के तहत घोरावल नगर पंचायत में 512 आवास बनने थे। इन आवासों के निर्माण के लिए 1431.87 लाख निर्गत किया गया था। कार्यदाई संस्था को वर्ष 2017 तक निर्माण कराकर हैंडओवर करना था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है, जबकि धनराशि का उपयोग कर लिया गया है। कार्यदाई संस्था के अधिकारियों ने वित्तीय हानि की है। पूर्व मेें कई बार कार्यदाई संस्था के लोगों को अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने के लिए पत्राचार किया गया है, लेकिन नहीं कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों ने डूडा के पीओ को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। इस संबंध में डूडा के पीओ राजेश उपाध्याय ने बताया कि सेवानिवृत्त तत्कालीन परियोजना अधिकारी बीपी सिंह, बीएम वर्मा, सेवानिवृत्त तत्कालीन यूनिट लेखाकार इंद्र मणि त्रिपाठी, रामजनम, मुहम्मदमुल और शैलेंद्र नाथ द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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अधिकांश आवास अधूरे, कइयों में कब्जा
योजना के तहत घोरावल नगर के हरिजन बस्ती में 80, मौर्या बस्ती में 96, नौगवां नंदलाल के पास 96 और कांशीराम कॉलोनी के पास 240 आवास बनना था। हरिजन बस्ती को छोड़कर कहीं भी आवास का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इनमें 166 निर्माणाधीन हैं और 266 आवास बनकर तैयार हैं लेकिन फर्नीचर, फर्श, वायरिंग, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था न होने से इसका वितरण लाभार्थियों में नहीं हो पा रहा। अन्य सभी क्षेत्रों के आवास अधूरे हैं। अधूरे आवासों में अवैध रूप से तमाम लोगों ने कब्जा कर लिया है। वहीं कुछ अधूरे आवासों में तो पशु रह रहे हैं।
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