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पिपरी चेयरमैन और उनके भाइयों समेत आठ के खिलाफ केस
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रेणुकूट। दो दिन पूर्व पिपरी थाना पुलिस ने नगर पंचायत पिपरी के चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह और उनके दो भाई समेत आठ लोगों के खिलाफ एससी एसटी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वादी का आरोप है कि उसका भाई अरुण कुमार चेयरमैन के गोशाला पर काम करता था। विगत कई महीनों से उसको वेतन नहीं मिल रहा है। अरुण ने जब बकाए वेतन की मांग की तो उसे गौशाला पर बुलाकर पीटा गया। केस दर्ज करने के बाद पुलिस विवेचना करने में जुट गई है। उधर चेयरमैन ने साजिश के तहत मुकदमा दर्ज कराए जाने का आरोप लगाया है।
पुलिस के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र के तुर्रा पिपरी के रहने वाले वादी अमरेश चंद्र राव का कहना है कि विगत तीन वर्षों से उसका छोटा भाई अरुण राव दिग्विजय सिंह के यहां नौकरी कर रहा था। लेकिन एक वर्ष से उसके भाई को वेतन नहीं मिल रहा है। जब भी रुपये मांगता है तो टालमटोल किया जा रहा है। कहना है कि 25 नवंबर 2020 को अरुण ने दिग्विजय और उनके भाइयों से बकाए रुपये की मांग किया तो उसको शाम को गौशाला पर रुपये लेने के लिए बुलाया गया। आरोप है कि उसका भाई गौशाला पर गया तो वहां पर पहले से मौजूद कई लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। पिपरी थानाध्यक्ष अवनिश चंद्र सिंहा ने बताया कि अमरेश चंद्र की तहरीर पर नगर पंचायत पिपरी के चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह, उनके भाई अखिलेश उर्फ टिंकू सिंह, शिवप्रताप उर्फ रिंकू सिंह, रीतेश सिंह, अजीत, मनीष आवले, त्रिभुवन मौर्या और मुन्ना श्रीवास्तव के खिलाफ एससी एसटी, मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विवेचक पिपरी क्षेत्राधिकारी विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि विवेचना की जा रही है, जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय प्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह मुकदमा उनके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश करके करवाया है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त की घटना बताई जा रही है उस वक्त वह और उनके भाई नगर में मौजूद ही नहीं थे, इसलिए मामला पूरी तरह से गलत है।
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पुलिस के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र के तुर्रा पिपरी के रहने वाले वादी अमरेश चंद्र राव का कहना है कि विगत तीन वर्षों से उसका छोटा भाई अरुण राव दिग्विजय सिंह के यहां नौकरी कर रहा था। लेकिन एक वर्ष से उसके भाई को वेतन नहीं मिल रहा है। जब भी रुपये मांगता है तो टालमटोल किया जा रहा है। कहना है कि 25 नवंबर 2020 को अरुण ने दिग्विजय और उनके भाइयों से बकाए रुपये की मांग किया तो उसको शाम को गौशाला पर रुपये लेने के लिए बुलाया गया। आरोप है कि उसका भाई गौशाला पर गया तो वहां पर पहले से मौजूद कई लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। पिपरी थानाध्यक्ष अवनिश चंद्र सिंहा ने बताया कि अमरेश चंद्र की तहरीर पर नगर पंचायत पिपरी के चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह, उनके भाई अखिलेश उर्फ टिंकू सिंह, शिवप्रताप उर्फ रिंकू सिंह, रीतेश सिंह, अजीत, मनीष आवले, त्रिभुवन मौर्या और मुन्ना श्रीवास्तव के खिलाफ एससी एसटी, मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विवेचक पिपरी क्षेत्राधिकारी विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि विवेचना की जा रही है, जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय प्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह मुकदमा उनके राजनीतिक विरोधियों ने साजिश करके करवाया है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त की घटना बताई जा रही है उस वक्त वह और उनके भाई नगर में मौजूद ही नहीं थे, इसलिए मामला पूरी तरह से गलत है।
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