Sonbhadra: बिजली कटौती से बेहाल व्यापारी बीमार बेटी के साथ आधी रात धरने पर बैठा, अफसरों के छूटे पसीने
सोनभद्र में बेतहाशा बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। शनिवार देर रात बिजली कटौती से आजिज एक व्यापारी अपनी सात वर्षीय बीमार बेटी को लेकर सुभाष तिराहे पर धरने पर बैठ गया। उसे मनाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के सोनभद्र को ऊर्जा की राजधानी कहा जाता है, बावजूद इसके यहां के लोग बेतहाशा बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। शनिवार देर रात कटौती से आजिज एक व्यापारी अपनी सात वर्षीय बीमार बेटी को लेकर सुभाष तिराहे पर धरने पर बैठ गया। रात में पिता-पुत्री को धरने पर बैठा देख लोग एकत्रित हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
काफी देर तक पुलिस मान मनौवल करती रही। आधी रात पहुंचे एसडीओ ने लिखित आश्वासन देकर पिता-पुत्री का धरना समाप्त कराया। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि नगर में इस समय विद्युत व्यवस्था एकदम धराशाई हो गई है। दशकों पुराने पोल व जर्जर तार से पूरे नगर में भय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कब-कहां पर तार टूटकर गिर जाय कहा नहीं जा सकता।
ये भी पढ़ें: बनारस में शिया-सुन्नी भिड़े: पहला पत्थर किसने फेंका, क्या सच में लगे पाकिस्तान के नारे? पढ़ें पूरी कहानी
अधिकारियों के मनमाने रवैए से पूरी जनता त्रस्त
कहा कि पीसीएल के अधिकारियों के मनमाने रवैए से पूरी जनता त्रस्त हो चुकी है। घरेलू कार्यों के साथ संपूर्ण व्यवसायिक क्षेत्र अपने नुकसान से जूझ रहा है। कहा कि सोनभद्र में चार विधायक और एक सांसद सत्ता पक्ष के होने के बावजूद किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं होती। स्थानीय लोगों के मुताबिक जब बिजली विभाग पर फोन किया जाता है तो फॉल्ट की बात कहकर फोन काट देते हैं।
उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस व बिजली विभाग के जेई ने धरने पर बैठे व्यापारी को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। वहीं देर रात लगभग एक बजे एसडीओ आशीष शुक्ला ने लिखित आश्वासन देकर व्यापारी और बीमार बच्ची का धरना समाप्त कराया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि रविवार से नगर में 21 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी, तब जाकर मामला शांत हुआ।