{"_id":"5b92b6be867a557ec75175e3","slug":"breeze-in-the-rivers-dipping-the-bridge-of-the-belan","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदियों में उफान, बेलन का पुल डूबाBreeze in the rivers,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदियों में उफान, बेलन का पुल डूबाBreeze in the rivers,
sonbhadra
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
घोरावल क्षेत्र के बेलन नदी के पास भरा धधरौल बांध का पानी।
- फोटो : sonbhadra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घोरावल। पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश से घोरावल क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। बेलन नदी पर बना पुल जलमग्न हो गया है, जबकि बकहर नदी भी पानी से लबालब भरकर पुल छूने को बेताब है। इससे जहां आवागमन में काफी मुश्किलें आ रही हैं, वहीं इलाके के दर्जनों गांवों समेत मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का घोरावल से संपर्क टूट गया है। उधर, घोरावल वन रेंज परिसर में पानी भर जाने से वहां आवासों में पानी घुस गया है।
नगर स्थित बीआरसी परिसर, बजरंग नगर और कांशीराम कॉलोनी के भी जलमग्न होने से रहवासी परेशान रहे। तहसीलदार सुरेशचंद्र शुक्ला ने क्षेत्रीय लेखपाल सुरेंद्र अग्रहरि के साथ कोहरथा मार्ग पर बेलन नदी के जलमग्न पुल का निरीक्षण किया और बेलन किनारे के भरौली, सिलवर इत्यादि गांवों का जायजा लिया। बुधवार व गुरुवार को हुई बारिश के बाद इलाके के अलावा अन्य स्थानों से बहकर आए पानी से बेलन नदी उफान पर है।
बेलन नदी के किनारे पड़ने वाले खेतों के जलमग्न होने से धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कोहरथा मार्ग पर बेलन नदी पर बने पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। शिवद्वार मार्ग पर बेलन नदी के ऊपर बने पुल के दोनों किनारे पर सड़कों पर करीब ढाई फीट पानी चल रहा है, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित है। मंदहा रोड व लोहाण्डी मार्ग पर बेलन नदी उफान पर है और पुल छूने को बेताब है।
विज्ञापन
यदि बारिश व नदी में जलप्रवाह का यहीं हाल रहा तो बेलन नदी पर बने सभी पुल जलमग्न हो जाएंगे। बेलन नदी के उफान पर होने से जलमग्न पुलों के कारण कोहरथा मार्ग और शिवद्वार मार्ग से जुड़े दर्जनों गांवों का शेष इलाकों से संपर्क टूट गया है। शिवद्वार, सतद्वारी, डोरिहार, आमडीह, सोनहटी, बरदिया, देवगढ़, महाव, खड़देऊर, बर-कन्हरा, मुसहा, सिहावल, बैजनाथ, भरकना, कोहरथा समेत दर्जनों गांवों का घोरावल से संपर्क टूटा हुआ है।
मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के दर्जनों गांवों से बाजार करने घोरावल आने वाले लोगों का भी संपर्क बाधित हो गया है। इससे ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बाइक, साइकल अथवा चार पहिया गाड़ी जलमग्न पुलों में उतारकर नदी पार कर रहे हैं। तेज बहाव में इस प्रकार जान जोखिम में डालकर पुल पार करने से कभी भी कोई दुर्घटना घटित हो सकती है।
तहसीलदार सुरेशचंद्र शुक्ला ने इस संबंध में बताया कि क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देश दिया गया है कि वह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेकर उसका ब्योरा उपलब्ध कराएं। पुलिस विभाग से भी कहा गया है कि जलमग्न पुलों पर खतरे को देखते हुए आवागमन रोकना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
नगर स्थित बीआरसी परिसर, बजरंग नगर और कांशीराम कॉलोनी के भी जलमग्न होने से रहवासी परेशान रहे। तहसीलदार सुरेशचंद्र शुक्ला ने क्षेत्रीय लेखपाल सुरेंद्र अग्रहरि के साथ कोहरथा मार्ग पर बेलन नदी के जलमग्न पुल का निरीक्षण किया और बेलन किनारे के भरौली, सिलवर इत्यादि गांवों का जायजा लिया। बुधवार व गुरुवार को हुई बारिश के बाद इलाके के अलावा अन्य स्थानों से बहकर आए पानी से बेलन नदी उफान पर है।
विज्ञापन
बेलन नदी के किनारे पड़ने वाले खेतों के जलमग्न होने से धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कोहरथा मार्ग पर बेलन नदी पर बने पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। शिवद्वार मार्ग पर बेलन नदी के ऊपर बने पुल के दोनों किनारे पर सड़कों पर करीब ढाई फीट पानी चल रहा है, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित है। मंदहा रोड व लोहाण्डी मार्ग पर बेलन नदी उफान पर है और पुल छूने को बेताब है।
विज्ञापन
यदि बारिश व नदी में जलप्रवाह का यहीं हाल रहा तो बेलन नदी पर बने सभी पुल जलमग्न हो जाएंगे। बेलन नदी के उफान पर होने से जलमग्न पुलों के कारण कोहरथा मार्ग और शिवद्वार मार्ग से जुड़े दर्जनों गांवों का शेष इलाकों से संपर्क टूट गया है। शिवद्वार, सतद्वारी, डोरिहार, आमडीह, सोनहटी, बरदिया, देवगढ़, महाव, खड़देऊर, बर-कन्हरा, मुसहा, सिहावल, बैजनाथ, भरकना, कोहरथा समेत दर्जनों गांवों का घोरावल से संपर्क टूटा हुआ है।
मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के दर्जनों गांवों से बाजार करने घोरावल आने वाले लोगों का भी संपर्क बाधित हो गया है। इससे ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बाइक, साइकल अथवा चार पहिया गाड़ी जलमग्न पुलों में उतारकर नदी पार कर रहे हैं। तेज बहाव में इस प्रकार जान जोखिम में डालकर पुल पार करने से कभी भी कोई दुर्घटना घटित हो सकती है।
तहसीलदार सुरेशचंद्र शुक्ला ने इस संबंध में बताया कि क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देश दिया गया है कि वह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेकर उसका ब्योरा उपलब्ध कराएं। पुलिस विभाग से भी कहा गया है कि जलमग्न पुलों पर खतरे को देखते हुए आवागमन रोकना सुनिश्चित करें।