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ब्लड बैंक में महज छह यूनिट रक्त
sonebhadra news
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:11 PM IST
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक राबर्ट्सगंज में महज छह यूनिट रक्त है। ऐसे में दुर्घटना में घायल, एनीमिया से पीड़ितों को यहां से निराशा ही मिलेगी। यदि छह से सात लोग ब्लड बैंक में रक्त लेने के लिए पहुंचे तो उन्हें खाली हाथ वापस लौटना होगा।
ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार यहां ए पाजीटिव के तीन, ओ पाजीटिव, ओ निगेटिव, और बी निगेटिव का एक-एक यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। इसका खुलासा रक्त की गुहार लेकर डीएम के पास एक महिला के जाने के बाद हुआ। उधर सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल करीब पांच दिन पूर्व पन्नूगंज थाना क्षेत्र के संडा गांव की निवासी कंचन पांडेय अपने दो बच्चों के लिए रक्त लेने गई थीं। लेकिन उन्हें ब्लड बैंक से रक्त नहीं मिला।
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इस पर महिला डीएम के पास शिकायत करने पहुंच गई। डीएम के हस्तक्षेप पर ब्लड बैंक में रक्त की कमी का खुलासा हुआ। महिला को बमुश्किल एक यूनिट रक्त जिला अस्पताल से मिला और एक यूनिट रक्त सीएमओ ने रेणुकूट से इंतजाम करा कर दिलाया। अभी पिछले करीब एक सप्ताह से जिला अस्पताल में महज छह यूनिट ही रक्त है।
ब्लड बैंक में कम रक्त होने से रक्त के जरूरतमंदों को झटका लग सकता है। गौरतलब है कि जिले में आकस्मिक दुर्घटनाएं, डिलीवरी, कुपोषित बच्चों और एनीमिया की शिकार महिलाओं को सर्वाधिक खून की आवश्यकता पड़ती है। यदि जिले में कोई भी दुर्घटना हो जाये तो ब्लड बैंक अपने हाथ खड़ा करने में जरा भी देर नहीं लगाएगा। इस बावत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि ब्लड बैंक में ब्लड का कम होना चिंताजनक है और जांच का विषय है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से इस विषय पर बात कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कहा सीएमएस को रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन उन्होंने अभी तक कैंप क्यों नहीं लगवाया इसकी भी जांच कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उधर सीएमएस डॉ. पीबी गौतम का दावा है कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं है। हालांकि जल्द ही रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा।
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ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार यहां ए पाजीटिव के तीन, ओ पाजीटिव, ओ निगेटिव, और बी निगेटिव का एक-एक यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। इसका खुलासा रक्त की गुहार लेकर डीएम के पास एक महिला के जाने के बाद हुआ। उधर सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल करीब पांच दिन पूर्व पन्नूगंज थाना क्षेत्र के संडा गांव की निवासी कंचन पांडेय अपने दो बच्चों के लिए रक्त लेने गई थीं। लेकिन उन्हें ब्लड बैंक से रक्त नहीं मिला।
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इस पर महिला डीएम के पास शिकायत करने पहुंच गई। डीएम के हस्तक्षेप पर ब्लड बैंक में रक्त की कमी का खुलासा हुआ। महिला को बमुश्किल एक यूनिट रक्त जिला अस्पताल से मिला और एक यूनिट रक्त सीएमओ ने रेणुकूट से इंतजाम करा कर दिलाया। अभी पिछले करीब एक सप्ताह से जिला अस्पताल में महज छह यूनिट ही रक्त है।
ब्लड बैंक में कम रक्त होने से रक्त के जरूरतमंदों को झटका लग सकता है। गौरतलब है कि जिले में आकस्मिक दुर्घटनाएं, डिलीवरी, कुपोषित बच्चों और एनीमिया की शिकार महिलाओं को सर्वाधिक खून की आवश्यकता पड़ती है। यदि जिले में कोई भी दुर्घटना हो जाये तो ब्लड बैंक अपने हाथ खड़ा करने में जरा भी देर नहीं लगाएगा। इस बावत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि ब्लड बैंक में ब्लड का कम होना चिंताजनक है और जांच का विषय है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से इस विषय पर बात कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कहा सीएमएस को रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन उन्होंने अभी तक कैंप क्यों नहीं लगवाया इसकी भी जांच कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उधर सीएमएस डॉ. पीबी गौतम का दावा है कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं है। हालांकि जल्द ही रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा।