{"_id":"65ce6482b52711bf370b4554","slug":"births-and-deaths-should-be-registered-on-the-portal-within-sonbhadra-news-c-313-1-svns1023-110818-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन्म और मृत्यु का एक सप्ताह में पोर्टल पर हो पंजीकरण : सीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन्म और मृत्यु का एक सप्ताह में पोर्टल पर हो पंजीकरण : सीएमओ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। जनपद के समस्त चिकित्सा संस्थानों में शत प्रतिशत जन्म मृत्यु पंजीकरण सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने निर्देश जारी किया है। कहा कि एक सप्ताह के अंदर सभी जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण कराना सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा की संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसपर विशेष निगाह रखने के लिए सीएमओ ने पूर्व में कार्य देख रहे कर्मी को हटाते हुए राघवेंद्र शेखर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र का पत्र जनपद में होने वाले जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन के संबंध में प्राप्त हुआ है। जिसमें बताया गया है कि राज्य में 83 प्रतिशत से अधिक प्रसव संस्थागत होते हैं। लेकिन, समस्त जन्म की जानकारी पंजीकृत नहीं हो रही है। जबकि नियमावली के अनुसार समस्त जन्म मृत्यु की घटनाओं का साथ प्रतिशत पंजीकरण करना अनिवार्य है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा साल 2024 तक निर्धारित सत प्रतिशत पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कई बिंदुओं पर अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त सरकारी अस्पताल सीएचसी पीएचसी पर जन्म लेने वाले बच्चों एवं प्रसूता के डिस्चार्ज होने से पूर्व प्रत्येक दशा में नवजात का जन्म पंजीकरण सीआरएस पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा। यदि जन्म की सूचना पोर्टल पर प्राप्त नहीं हुई तो उसे दशा में ऑफलाइन माध्यम से सूचना को इकट्ठा का पोर्टल से प्रमाणित पत्र निर्गत किया जाए।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र का पत्र जनपद में होने वाले जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन के संबंध में प्राप्त हुआ है। जिसमें बताया गया है कि राज्य में 83 प्रतिशत से अधिक प्रसव संस्थागत होते हैं। लेकिन, समस्त जन्म की जानकारी पंजीकृत नहीं हो रही है। जबकि नियमावली के अनुसार समस्त जन्म मृत्यु की घटनाओं का साथ प्रतिशत पंजीकरण करना अनिवार्य है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा साल 2024 तक निर्धारित सत प्रतिशत पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कई बिंदुओं पर अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त सरकारी अस्पताल सीएचसी पीएचसी पर जन्म लेने वाले बच्चों एवं प्रसूता के डिस्चार्ज होने से पूर्व प्रत्येक दशा में नवजात का जन्म पंजीकरण सीआरएस पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा। यदि जन्म की सूचना पोर्टल पर प्राप्त नहीं हुई तो उसे दशा में ऑफलाइन माध्यम से सूचना को इकट्ठा का पोर्टल से प्रमाणित पत्र निर्गत किया जाए।
विज्ञापन