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भारत बंदः सोनभद्र पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट पहुंचने से रोका, हुई तीखी नोकझोंक
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कृषि कानून के विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट रोड पर प्रदर्शन करते बामपंथी दल के पदाधिकारी। संवा?
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों का भारत बंद जिले में बेअसर रहा। बाजारों में सभी दुकानें खुली रहीं। रोज की तरह ही चहल-पहल भी बनी रही। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजन में विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर सदर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कलेक्ट्रेट में प्रवेश को लेकर पुलिस से उनकी तीखी नोक-झोंक भी हुई। उधर, अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर भारत बंद का समर्थन किया।
वामपंथी दल और जनवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सदर ब्लाक कार्यालय से जुलूस निकाला। कृषि कानूनों के विरोध में नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्हें हाईवे पर स्थित कलेक्ट्रेट गेट पर ही सदर एसडीएम डॉ. कृपा शंकर पांडेय, ओबरा सीओ भाष्कर वर्मा ने रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने अंदर जाने की कोशिश की। पुलिस से तीखी नोक-झोंक भी हुई। करीब एक घंटे तक तकरार चलती रही। मौके पर मौजूद सदर एसडीएम को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन में डॉ. केडी सिंह, रालोद के संतोष पटेल, कामेश्वर तिवारी, सामाजिक न्याय मोर्चा के चौधरी यशवंत सिंह, अर्जुन चौहान, माकपा के नंदलाल मौर्य, प्रेमनाथ, पुरुषोत्तम, महेंद्र कुशवाहा, भाकपा के डॉ. आरके शर्मा, प्रेमचंद्र गुप्ता, शिवशंकर मिश्र, भाकपा माले के मो. कलीम, सुरेश कोल, शंकर कोल, लोकतांत्रिक जनता दल के रामभरोसे सिंह, सीडी सिंह पटेल, एमसीपीआईयू के विजय भारतीय आदि शामिल रहे। भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में देशराज पटेल, देवदास मौर्य, अल्पभाई पटेल, प्रदीप पांडेय, आशुतोष पटेल, कांग्रेस सिंह, शिवाजी आदि शामिल रहे। उधर, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट व मजदूर किसान मंच के कार्यकताओं ने नारेबाजी की। आईपीएफ के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, मजदूर किसान मंच के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोंड, मनोहर गोंड, मंगरू प्रसाद गोंड, तेजधारी गुप्ता, गोविंद प्रजापति, रामदास गोंड, रामफल गोंड, श्रीकांत सिंह, सूरज कोल, कैलाश चौहान, राजकुमार खरवार, अंतलाल खरवार आदि शामिल रहे।
प्रदर्शन करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
रामगढ़। किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने जा रहे पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी को पन्नूगंज थाने की पुलिस ने चपईल में ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती से सफलता नहीं मिली। अंत में नारेबाजी करते हुए एसओ राजेश सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, कृषि कानून की वापसी, धान खरीद की सीमा पूर्ववत करने, सिंचाई के लिए डीजल और बिजली के दर पर सब्सिडी देने की मांगें प्रमुख रहीं।
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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, की नारेबाजी
किसानों के भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को वकीलों ने कचहरी परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर नारेबाजी की। सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि हम अधिवक्ता होने के साथ ही एक किसान भी हैं। हमारा दायित्व है कि किसानों की मांगों के लिए एक दिन के भारत बंद का पुरजोर समर्थन करें। पूर्व अध्यक्ष भोला सिंह यादव और अमरनाथ मिश्रा ने भी इस पर सहमति जताई। वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश देव पांडेय ने कहा कि जब-जब कोई आंदोलन हुआ है। उसमें अधिवक्ताओं का समर्थन रहा है तो सफलता जरूर मिलती है। एसबीए महामंत्री सत्यदेव पांडेय ने कहा कि किसानों की जायज मांगें सरकार को माननी पड़ेगी। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में सुधाकर मिश्र, जगजीवन सिंह, हीरालाल पटेल, गोविंद मिश्र, कमलेश पांडेय, महेंद्र सिंह, आनंद ओझा आदि शामिल रहे।
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वामपंथी दल और जनवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सदर ब्लाक कार्यालय से जुलूस निकाला। कृषि कानूनों के विरोध में नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्हें हाईवे पर स्थित कलेक्ट्रेट गेट पर ही सदर एसडीएम डॉ. कृपा शंकर पांडेय, ओबरा सीओ भाष्कर वर्मा ने रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने अंदर जाने की कोशिश की। पुलिस से तीखी नोक-झोंक भी हुई। करीब एक घंटे तक तकरार चलती रही। मौके पर मौजूद सदर एसडीएम को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन में डॉ. केडी सिंह, रालोद के संतोष पटेल, कामेश्वर तिवारी, सामाजिक न्याय मोर्चा के चौधरी यशवंत सिंह, अर्जुन चौहान, माकपा के नंदलाल मौर्य, प्रेमनाथ, पुरुषोत्तम, महेंद्र कुशवाहा, भाकपा के डॉ. आरके शर्मा, प्रेमचंद्र गुप्ता, शिवशंकर मिश्र, भाकपा माले के मो. कलीम, सुरेश कोल, शंकर कोल, लोकतांत्रिक जनता दल के रामभरोसे सिंह, सीडी सिंह पटेल, एमसीपीआईयू के विजय भारतीय आदि शामिल रहे। भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में देशराज पटेल, देवदास मौर्य, अल्पभाई पटेल, प्रदीप पांडेय, आशुतोष पटेल, कांग्रेस सिंह, शिवाजी आदि शामिल रहे। उधर, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट व मजदूर किसान मंच के कार्यकताओं ने नारेबाजी की। आईपीएफ के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, मजदूर किसान मंच के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोंड, मनोहर गोंड, मंगरू प्रसाद गोंड, तेजधारी गुप्ता, गोविंद प्रजापति, रामदास गोंड, रामफल गोंड, श्रीकांत सिंह, सूरज कोल, कैलाश चौहान, राजकुमार खरवार, अंतलाल खरवार आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
रामगढ़। किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने जा रहे पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी को पन्नूगंज थाने की पुलिस ने चपईल में ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती से सफलता नहीं मिली। अंत में नारेबाजी करते हुए एसओ राजेश सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, कृषि कानून की वापसी, धान खरीद की सीमा पूर्ववत करने, सिंचाई के लिए डीजल और बिजली के दर पर सब्सिडी देने की मांगें प्रमुख रहीं।
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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, की नारेबाजी
किसानों के भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को वकीलों ने कचहरी परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर नारेबाजी की। सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि हम अधिवक्ता होने के साथ ही एक किसान भी हैं। हमारा दायित्व है कि किसानों की मांगों के लिए एक दिन के भारत बंद का पुरजोर समर्थन करें। पूर्व अध्यक्ष भोला सिंह यादव और अमरनाथ मिश्रा ने भी इस पर सहमति जताई। वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश देव पांडेय ने कहा कि जब-जब कोई आंदोलन हुआ है। उसमें अधिवक्ताओं का समर्थन रहा है तो सफलता जरूर मिलती है। एसबीए महामंत्री सत्यदेव पांडेय ने कहा कि किसानों की जायज मांगें सरकार को माननी पड़ेगी। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में सुधाकर मिश्र, जगजीवन सिंह, हीरालाल पटेल, गोविंद मिश्र, कमलेश पांडेय, महेंद्र सिंह, आनंद ओझा आदि शामिल रहे।