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पिता के शव को शांत भाव से निहारते रहे बच्चे
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घोरावल। सुकृत के जंगल में घोरावल कोतवाली क्षेत्र के कुसुम्हा गांव निवासी युवक रामपाल की लाश पोस्टमार्टम के बाद जब गांव पहुंची तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। शनिवार शाम पांच बजे घर शव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण व आस पास के गांवों के लोग एकत्र हो गए। रामपाल के अबोध बच्चे पिता के शव शांत भाव से निहार रहे थे। उनके सिर से पिता का साया जो उठ गया था।
कुसुम्हा निवासी रामपाल (28) पुत्र विजयी पाल का शव जली हुई अवस्था में सुकृत के जंगल में मिला था।ग्रामीणों के मुताबिक मृतक रामपाल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।उसकी शादी करीब छह साल पहले सरौली गांव में हुई थी। रामपाल से 5 साल का एक बेटा और 3 साल की एक बेटी है।रामपाल पहले ट्रक पर ड्राइवर का काम करता था, लेकिन कुछ महीने पहले वह ड्राइवरी का काम छोड़कर पत्नी व बच्चों के साथ अपने ससुराल सरौली जाकर रहने लगा। शनिवार शाम पांच बजे जब पोस्टमार्टम के बाद रामपाल की लाश कुसुम्हा गांव पहुंची तो परिजनों में हाहाकार मच गया। उसके माता पिता भाई व अन्य ग्रामीण होनी को कोसते हुए नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि यदि वह कुसुम्हा रहा होता तो शायद उसकी इस तरह हत्या न हुई होती। उधर मृतक के दोनों मासूम बच्चे माता व दादा दादी को रोते बिलखते देख कभी रोते तो कभी शांत भाव से पिता के शव को निहारते। मृतक के घर का दर्दनाक व कारुणिक दृश्य देखकर तमाम ग्रामीण व महिलाएं अपने आंसू पोछते दिखाई दिए।उधर कुसुम्हा निवासी कांग्रेस के निवर्तमान जिला सचिव व गांव के बीडीसी मोहनलाल बियार ने इस हत्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए इस मामले का पुलिस से जल्द खुलासा करने की मांग की। कहा कि हत्या के इस मामले में शामिल लोगों को पुलिस अविलंब गिरफ्तार करे। अन्यथा कुसुम्हा के ग्रामीण पुलिस प्रशासन का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे। उधर राबर्ट्सगंज कोतवाल मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि मृतक रामपाल पुत्र बिजई निवासी कुसुम्हा की शादी ग्राम सरौली थाना करमा निवासी इंद्रावती के साथ हुई थी। रामपाल 14 जनवरी को अपने घर से ससुराल जाने के लिए निकला था। 20 जनवरी को ससुराल से घर वापस जाने के लिए निकला। लेकिन घर नहीं पहुंचा।
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कुसुम्हा निवासी रामपाल (28) पुत्र विजयी पाल का शव जली हुई अवस्था में सुकृत के जंगल में मिला था।ग्रामीणों के मुताबिक मृतक रामपाल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।उसकी शादी करीब छह साल पहले सरौली गांव में हुई थी। रामपाल से 5 साल का एक बेटा और 3 साल की एक बेटी है।रामपाल पहले ट्रक पर ड्राइवर का काम करता था, लेकिन कुछ महीने पहले वह ड्राइवरी का काम छोड़कर पत्नी व बच्चों के साथ अपने ससुराल सरौली जाकर रहने लगा। शनिवार शाम पांच बजे जब पोस्टमार्टम के बाद रामपाल की लाश कुसुम्हा गांव पहुंची तो परिजनों में हाहाकार मच गया। उसके माता पिता भाई व अन्य ग्रामीण होनी को कोसते हुए नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि यदि वह कुसुम्हा रहा होता तो शायद उसकी इस तरह हत्या न हुई होती। उधर मृतक के दोनों मासूम बच्चे माता व दादा दादी को रोते बिलखते देख कभी रोते तो कभी शांत भाव से पिता के शव को निहारते। मृतक के घर का दर्दनाक व कारुणिक दृश्य देखकर तमाम ग्रामीण व महिलाएं अपने आंसू पोछते दिखाई दिए।उधर कुसुम्हा निवासी कांग्रेस के निवर्तमान जिला सचिव व गांव के बीडीसी मोहनलाल बियार ने इस हत्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए इस मामले का पुलिस से जल्द खुलासा करने की मांग की। कहा कि हत्या के इस मामले में शामिल लोगों को पुलिस अविलंब गिरफ्तार करे। अन्यथा कुसुम्हा के ग्रामीण पुलिस प्रशासन का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे। उधर राबर्ट्सगंज कोतवाल मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि मृतक रामपाल पुत्र बिजई निवासी कुसुम्हा की शादी ग्राम सरौली थाना करमा निवासी इंद्रावती के साथ हुई थी। रामपाल 14 जनवरी को अपने घर से ससुराल जाने के लिए निकला था। 20 जनवरी को ससुराल से घर वापस जाने के लिए निकला। लेकिन घर नहीं पहुंचा।
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