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दावेदारों का गणित बिगाड़ेगी पिछड़ी और एससी की बढ़ी आबादी

Fri, 21 Oct 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2022 11:57 PM IST
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Backward and increased population of SC will spoil the maths of the contenders
नगर पालिका सोनभद्र क्षेत्र में पिछड़ी जाति की संख्या आकलन का रैपिड सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे में पिछड़ी जाति की आबादी 23 हजार से अधिक पाई गई है। इससे पहले हुए रैपिड सर्वे में एससी-एसटी की आबादी करीब 13 हजार थी। कुल 60 हजार की आबादी वाले नगर पालिका में आरक्षित श्रेणी की बढ़ी आबादी ने दावेदारों का गणित बिगाड़ दिया है। सबसे ज्यादा चिंता उन दावेदारों की है, जो सामान्य वर्ग से आते हैं। अपने अनुकूल आरक्षण कराने के लिए वह एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।
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निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। सिर्फ चुनाव की औपचारिक घोषणा होनी शेष है। जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष और सभासद पद के लिए चुनावी बिसात बिछने लगी है। राजनीतिक पार्टियों की तरफ से दिग्गजों को मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है। सभी नगरीय क्षेत्र में जातीय समीकरण पर नजर बनाए हुए हैं।
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सीमा विस्तार के बाद नगरीय क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी बढ़कर 12 हजार के अधिक हो गई है। वहीं हाल ही में जारी रैपिड सर्वे में पिछड़ी जाति की आबादी 23 हजार से अधिक है। सीमा विस्तार से पहले दोनों जाति की आबादी कम थी। इसकी तुलना में सामान्य वर्ग की आबादी अधिक रही है। इस नाते हर बार अध्यक्ष पद की सीट कभी पुरुष तो कभी महिला के लिए अनारक्षित रही है।
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सिर्फ वर्ष 2012 में अध्यक्ष पद का आरक्षण पिछड़ी जाति के लिए हुआ था। अब सीमा विस्तार के बाद पिछड़ी एवं अनुसूचित जाति की बढ़ी आबादी चुनावी समीकरण को बिगाड़ रही है। ग्राम पंचायतों की आबादी शामिल होने के बाद नगरीय क्षेत्र में 62 हजार से अधिक मतदाता हो गए हैं। हालांकि मतदाता पुनरीक्षण की अनंतिम सूची 31 अक्तूबर और अंतिम सूची 18 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।
कई वार्डों का बदल जाएगा आरक्षण
रैपिड सर्वे पर गौर करें तो 25 वार्डों वाली नगर पालिका के कई वार्डों का आरक्षण बदल जाएगा। किसी वार्ड में पिछड़ी जाति की संख्या अधिक है तो किसी में अनुसूचित जाति की। ऐसे में वार्डों का समीकरण भी बिगड़ सकता है।

रैपिड सर्वे की रिपोर्ट जारी हो गई। शासन स्तर से इसका प्रकाशन भी किया जा चुका है। अब मतदाता सूची का प्रकाशन होना शेष रह गया है। जो 18 नवंबर तक पूरा हो जाएगा। - रमेश कुमार, सदर एसडीएम।
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