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मनमानी नहीं रुकी तो आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 11 Jan 2016 11:55 PM IST
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राजकीय इंटर कालेज के खेल मैदान में सोमवार को सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के बैनर तले सिंगरौली जोन में भयावह प्रदूषण की रोकथाम के लिए जनसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।
सभा की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार अजय शेखर ने कहा कि जिला प्रशासन उद्योगों की मनमानी रोके नहीं तो बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। उद्योगों को केवल अपने हित की चिंता है।
उन्हें यहां के निवासियों के स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार की चिंता नहीं। लेकिन अब यहां के लोग चुप नहीं बैठने वाले। देहरादून से आए पर्यावरण वैज्ञानिक डा. अनिल गौतम ने कहा कि तमाम अध्ययन और हाल ही में एनजीटी के रिपोर्ट से यह बात साफ हो गई है कि सिंगरौली जोन में और उद्योगों का विस्तार और नवीनीकरण हुआ तो यह क्षेत्र प्रदूषण की समस्या को नहीं झेल पाएगा।
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बताया कि पौने तीन लाख टन प्रतिदिन कोयला जलाने से 14 किलो पारा प्रतिदिनि हवा, पानी में मिल रहा है। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए संयोजक रामेश्वर दिनेश जायसवाल, राम औतार, गौरीशंकर आदि ने मांग रखी कि औद्योगिक विकास रोकने के साथ ही क्षेत्र में जांच, अध्ययन कराया जाए जिसका खर्च कंपनियां उठाएं और औद्योगिक इकाइयां कार्ययोजना को सार्वजनिक किया जाए।
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सभा की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार अजय शेखर ने कहा कि जिला प्रशासन उद्योगों की मनमानी रोके नहीं तो बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। उद्योगों को केवल अपने हित की चिंता है।
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उन्हें यहां के निवासियों के स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार की चिंता नहीं। लेकिन अब यहां के लोग चुप नहीं बैठने वाले। देहरादून से आए पर्यावरण वैज्ञानिक डा. अनिल गौतम ने कहा कि तमाम अध्ययन और हाल ही में एनजीटी के रिपोर्ट से यह बात साफ हो गई है कि सिंगरौली जोन में और उद्योगों का विस्तार और नवीनीकरण हुआ तो यह क्षेत्र प्रदूषण की समस्या को नहीं झेल पाएगा।
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बताया कि पौने तीन लाख टन प्रतिदिन कोयला जलाने से 14 किलो पारा प्रतिदिनि हवा, पानी में मिल रहा है। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए संयोजक रामेश्वर दिनेश जायसवाल, राम औतार, गौरीशंकर आदि ने मांग रखी कि औद्योगिक विकास रोकने के साथ ही क्षेत्र में जांच, अध्ययन कराया जाए जिसका खर्च कंपनियां उठाएं और औद्योगिक इकाइयां कार्ययोजना को सार्वजनिक किया जाए।