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रैन बसेरों में अलाव के अलावा हैं अन्य सुविधाएं लेकिन ठहर रहे कम लोग
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राबर्ट्सगंज स्थित आश्रय गृह शेल्टर हाऊस।
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। जिले के नगरीय क्षेत्रों में रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है लेकिन अभी इनमें कम लोग ठहर रहे हैं जबकि यहां ठहरने और ठंड से बचाव की व्यवस्था की गई है। कुछ रैन बरेसों में अलाव का भी इंतजाम है।
राबर्ट्सगंज में पुलिस चौकी के बगल में स्थित रैन बसेरा में 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। सोशल डिस्टेंसिंग में 50 बेड लगे हैं। रजाई, कंबल, तकिया की व्यवस्था की है। इस समय इसमें तीन लोग ठहरे हैं। नगर पालिका परिषद सोनभद्र के ईओ प्रदीप गिरि ने बताया कि रैन बसेरा में अलाव की व्यवस्था कराई गई है। घोरावल: नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार ने रैन बसेरा में महिलाओं और पुरुषों के आठ-आठ बेड लगे हैं। तीन शौचालय और दो स्नानागार है। रात में करीब 10 लोग ठहरते हैैं। अलाव का इंतजाम है।
चुर्क: नगर पंचायत चुर्क के ईओ सुनील कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर एक में ईदगाह रोड स्थित विवाह मंडप को अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है, यहां 10 लोगों के रहने और सैनिटाइजर की व्यवस्था है। बेड, रजाई, गद्दा, सैनिटाइजर की व्यवस्था है।
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रेणुकूट: नगर पंचायत रेणुकूट की ईओ अनीता शुक्ला और पिपरी नगर पंचायत के ईओ अजय कुमार ने बताया कि नगर में 10-10 बेड का अस्थायी रैन बसेरा खुला है। दोनों जगह अलाव जलवाया जा रहा है। दुद्घी: नगर पंचायत दुद्घी के ईओ भारत सिंह ने बताया कि रैन बसेरा में अलाव समेत अन्य सभी सुविधाएं मौजूद है। रात में पांच-छह लोग ठहर रहे हैं। ओबरा: नगर पंचायत ओबरा के ईओ अमित कुमार ने बताया कि अंबेडकर नगर स्थित अस्थायी रैन बसेरा में सोमवार से अलाव जलवाया जा रहा है। शौचालय की व्यवस्था वहां से 50 मीटर की दूरी पर हनुमान मंदिर चौराहा पर है। पेयजल की व्यवस्था कराई गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जल रहे अलाव
जिले के नगरीय इलाकों में खुले रैन बसेरों में ठंड के मद्देनजर अलाव की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से सबसे अधिक परेशान राहगीरों और रिक्शा चालकों को हो रही है।
इनसेट-
गो आश्रय स्थल में ठंड से बचाव के हैं इंतजाम
सोनभद्र। राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्सगंज के पास स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल लगाया गया है। इसके अलावा ब्लोअर लगवाया जा रहा है। पशुओं के लिए चारा पर्याप्त है। पेयजल की व्यवस्था की गई है। इस आश्रय स्थल में दो सौ से अधिक पशु हैं। पशुओं के व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है।
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राबर्ट्सगंज में पुलिस चौकी के बगल में स्थित रैन बसेरा में 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। सोशल डिस्टेंसिंग में 50 बेड लगे हैं। रजाई, कंबल, तकिया की व्यवस्था की है। इस समय इसमें तीन लोग ठहरे हैं। नगर पालिका परिषद सोनभद्र के ईओ प्रदीप गिरि ने बताया कि रैन बसेरा में अलाव की व्यवस्था कराई गई है। घोरावल: नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार ने रैन बसेरा में महिलाओं और पुरुषों के आठ-आठ बेड लगे हैं। तीन शौचालय और दो स्नानागार है। रात में करीब 10 लोग ठहरते हैैं। अलाव का इंतजाम है।
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चुर्क: नगर पंचायत चुर्क के ईओ सुनील कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर एक में ईदगाह रोड स्थित विवाह मंडप को अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है, यहां 10 लोगों के रहने और सैनिटाइजर की व्यवस्था है। बेड, रजाई, गद्दा, सैनिटाइजर की व्यवस्था है।
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रेणुकूट: नगर पंचायत रेणुकूट की ईओ अनीता शुक्ला और पिपरी नगर पंचायत के ईओ अजय कुमार ने बताया कि नगर में 10-10 बेड का अस्थायी रैन बसेरा खुला है। दोनों जगह अलाव जलवाया जा रहा है। दुद्घी: नगर पंचायत दुद्घी के ईओ भारत सिंह ने बताया कि रैन बसेरा में अलाव समेत अन्य सभी सुविधाएं मौजूद है। रात में पांच-छह लोग ठहर रहे हैं। ओबरा: नगर पंचायत ओबरा के ईओ अमित कुमार ने बताया कि अंबेडकर नगर स्थित अस्थायी रैन बसेरा में सोमवार से अलाव जलवाया जा रहा है। शौचालय की व्यवस्था वहां से 50 मीटर की दूरी पर हनुमान मंदिर चौराहा पर है। पेयजल की व्यवस्था कराई गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जल रहे अलाव
जिले के नगरीय इलाकों में खुले रैन बसेरों में ठंड के मद्देनजर अलाव की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से सबसे अधिक परेशान राहगीरों और रिक्शा चालकों को हो रही है।
इनसेट-
गो आश्रय स्थल में ठंड से बचाव के हैं इंतजाम
सोनभद्र। राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्सगंज के पास स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल लगाया गया है। इसके अलावा ब्लोअर लगवाया जा रहा है। पशुओं के लिए चारा पर्याप्त है। पेयजल की व्यवस्था की गई है। इस आश्रय स्थल में दो सौ से अधिक पशु हैं। पशुओं के व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है।