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हक की लड़ाई लड़ने का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Tue, 18 Aug 2015 11:39 PM IST
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उत्तर प्रदेश सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा संघ का स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन मंगलवार को भी सीएमओ कार्यालय पर जारी रहा।
चेतावनी देते हुए आशाओं ने कहा कि हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार को मांगपत्र भेजा है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार चरमसीमा पर पहुंच गया है।
अधिकारियों की लापरवाही से आशाओं को बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्षों से प्रतिपूर्ति की धनराशि न मिलने के कारण आशाएं भुखमरी की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
कहा कि सैकड़ों आशाओं का पांच वर्ष का मानदेय बाकी है। केंद्र और प्रदेश सरकार से आशाओं को दी जाने वाली सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही है।
पूर्व में कई बार अपनी मांगों को लेकर आशाएं सीएमओ दफ्तर और कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन कर विभागीय उच्चाधिकारियों को मांगपत्र भेज चुका है। लेकिन अभी तक समस्याएं जस की तस है।
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विवश होकर आशाओं को आंदोलन करना पड़ रहा है। कहा कि स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच होने पर सच्चाई खुल कर सामने आ जाएगी।
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चेतावनी देते हुए आशाओं ने कहा कि हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार को मांगपत्र भेजा है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार चरमसीमा पर पहुंच गया है।
अधिकारियों की लापरवाही से आशाओं को बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्षों से प्रतिपूर्ति की धनराशि न मिलने के कारण आशाएं भुखमरी की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
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कहा कि सैकड़ों आशाओं का पांच वर्ष का मानदेय बाकी है। केंद्र और प्रदेश सरकार से आशाओं को दी जाने वाली सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही है।
पूर्व में कई बार अपनी मांगों को लेकर आशाएं सीएमओ दफ्तर और कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन कर विभागीय उच्चाधिकारियों को मांगपत्र भेज चुका है। लेकिन अभी तक समस्याएं जस की तस है।
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विवश होकर आशाओं को आंदोलन करना पड़ रहा है। कहा कि स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच होने पर सच्चाई खुल कर सामने आ जाएगी।