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बाढ़ से प्रभावित होने वाले 101 गांवों को लेकर अलर्ट
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सोनभद्र। बाढ़ से होने वाली तबाही से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित 101 गांवों को चिह्नित कर लिया है। इन गांवों में बारिश के दौरान अलर्ट रहेगा। अन्य जरूरी इंतजाम के लिए भी तैयार रहने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
जिले में अधिक बारिश होने पर राबर्ट्सगंज तहसील के बिच्छी, हिंदुआरी, बिठगांव, गोइठहरी, बिजौली, लोढ़ी, जैत, मानपुर, तियरा समेत 27 गांव बाढ़ की विभिषिका दिखाई देनी लगती है। वर्ष 2012 में बेलन नदी का पानी हिंदुआरी में राजमार्ग पर तीन से चार फीट बहने लगा था। घोरावल तहसील के 50 और दुद्धी तहसील के 27 गांवों मेें बाढ़ का असर देखने को मिलता है। इसको गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अभी से बाढ़ से निपटने के लिए रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है। अत्याधिक बारिश होते ही रिहंद डैम, ओबरा डैम, नगवा बांध, धंधरौल बांध, सोन नदी, बेलन नदी के तटों पर जगह-जगह वायरलेस सेट के साथ कर्मचारी तैनात कर दिए जाएंगे। कर्मी पल-पल की सूचनाएं अपने उच्चाधिकारियों को देते रहेंगे। क्षमता से अधिक पानी होने पर डैम और बांधों के फाटक खोल दिए जाएंगे। लेकिन अभी तक बारिश न के बराबर होने से आशंका जताई जा रही है कि इस बार अपेक्षा से कम बारिश हो सकती है। इसके बावजूद बाढ़ से निपटने को लेकर तैयारिंया जोरों पर है। पिछले दिनों कलेक्ट्रेट में डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर बाढ़ से निपटने की रूपरेखा भी तैयार कर चुके हैं।
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जिले में अधिक बारिश होने पर राबर्ट्सगंज तहसील के बिच्छी, हिंदुआरी, बिठगांव, गोइठहरी, बिजौली, लोढ़ी, जैत, मानपुर, तियरा समेत 27 गांव बाढ़ की विभिषिका दिखाई देनी लगती है। वर्ष 2012 में बेलन नदी का पानी हिंदुआरी में राजमार्ग पर तीन से चार फीट बहने लगा था। घोरावल तहसील के 50 और दुद्धी तहसील के 27 गांवों मेें बाढ़ का असर देखने को मिलता है। इसको गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अभी से बाढ़ से निपटने के लिए रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है। अत्याधिक बारिश होते ही रिहंद डैम, ओबरा डैम, नगवा बांध, धंधरौल बांध, सोन नदी, बेलन नदी के तटों पर जगह-जगह वायरलेस सेट के साथ कर्मचारी तैनात कर दिए जाएंगे। कर्मी पल-पल की सूचनाएं अपने उच्चाधिकारियों को देते रहेंगे। क्षमता से अधिक पानी होने पर डैम और बांधों के फाटक खोल दिए जाएंगे। लेकिन अभी तक बारिश न के बराबर होने से आशंका जताई जा रही है कि इस बार अपेक्षा से कम बारिश हो सकती है। इसके बावजूद बाढ़ से निपटने को लेकर तैयारिंया जोरों पर है। पिछले दिनों कलेक्ट्रेट में डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर बाढ़ से निपटने की रूपरेखा भी तैयार कर चुके हैं।
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