{"_id":"60a69c2a8ebc3e78bf0fdc9a","slug":"administration-will-take-responsibility-for-orphaned-children-after-death-from-corona-sonbhadra-news-vns5904966121","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की जिम्मेदारी उठाएगा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की जिम्मेदारी उठाएगा प्रशासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। कोरोना से अभिभावकों की मौत के बाद अनाथ हुए बच्चों को संरक्षण देने को लेकर बृहस्पतिवार जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में जिला स्तरीय टास्क फोर्स तथा कोविड-19 वर्चुअल सपोर्ट ग्रुप की बैठक जिलाधिकारी अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए सरकार तत्पर है। जिले में जिन बच्चों के माता पिता की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है, उनका डाटा संकलित किया जा रहा है। ऐसे बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से संस्थाओं में आवासित करते हुए इन्हें बेहतर संरक्षण प्रदान किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, शिक्षा विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा निगरानी समितियों के माध्यम से ऐसे बच्चों का डाटा संकलित कराएं। इन बच्चों तक पहुंच कर उन्हें संरक्षित व सुरक्षित किया जाए। इन्हें सभी शासकीय सहायता प्रदान की जाए ताकि बच्चों का सर्वोत्तम हित प्रभावित न हो। कोविड -19 में अनाथ बच्चों को सरकार हर कदम पर सहायता करने के लिए तैयार है। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को नोडल नामित किया गया है। कोई भी व्यक्ति ऐसे बच्चों की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल कल्याण समिति या जिला बाल संरक्षण इकाई को दे सकता है। यदि कोई अनाथ बच्चा मिलता है तो उसे कोई भी व्यक्ति अपनाए नहीं बल्कि बाल कल्याण समिति व जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचित करें ताकि नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उन बच्चों को संरक्षित किया जाए और उन बच्चों को शासकीय गृहों में आवासित कराया जाए। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष महताब आलम, जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह तथा वन स्टॉप सेंटर से सीमा द्विवेदी व जिला बाल संरक्षण इकाई से गायत्री दुबे, शेषमणि दुबे मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए सरकार तत्पर है। जिले में जिन बच्चों के माता पिता की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है, उनका डाटा संकलित किया जा रहा है। ऐसे बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से संस्थाओं में आवासित करते हुए इन्हें बेहतर संरक्षण प्रदान किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, शिक्षा विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा निगरानी समितियों के माध्यम से ऐसे बच्चों का डाटा संकलित कराएं। इन बच्चों तक पहुंच कर उन्हें संरक्षित व सुरक्षित किया जाए। इन्हें सभी शासकीय सहायता प्रदान की जाए ताकि बच्चों का सर्वोत्तम हित प्रभावित न हो। कोविड -19 में अनाथ बच्चों को सरकार हर कदम पर सहायता करने के लिए तैयार है। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को नोडल नामित किया गया है। कोई भी व्यक्ति ऐसे बच्चों की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल कल्याण समिति या जिला बाल संरक्षण इकाई को दे सकता है। यदि कोई अनाथ बच्चा मिलता है तो उसे कोई भी व्यक्ति अपनाए नहीं बल्कि बाल कल्याण समिति व जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचित करें ताकि नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उन बच्चों को संरक्षित किया जाए और उन बच्चों को शासकीय गृहों में आवासित कराया जाए। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष महताब आलम, जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह तथा वन स्टॉप सेंटर से सीमा द्विवेदी व जिला बाल संरक्षण इकाई से गायत्री दुबे, शेषमणि दुबे मौजूद रहे।
विज्ञापन