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Sonebhadra News: आए दिन हादसे, फिर भी संकेतक है न ब्रेकर
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घोरावल-रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग को स्टेट हाईवे तो घोषित कर दिया गया, लेकिन सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। घनी आबादी के बीच ब्रेकर, संकेतक नहीं हैं। किनारे की सफेद पट्टी धूमिल हो चुकी है।
कई जगह पटरियां भी गायब हैं। बिजौली से मरकरी पुल तक महज ढाई किमी के बीच दो पेट्रोल पंप, तीन स्कूल और कई खतरनाक मोड़ होने के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। बावजूद जिम्मेदार सुरक्षा को लेकर बेपरवाह हैं। बृहस्पतिवार को घटना के बाद लोगों में इसे लेकर नाराजगी बनी रही।
गत छह नवंबर को बिजौड़ी मोड़ के पास ही ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार अमित विश्वकर्मा (23) की मौत हो गई थी। बेठिगांव निवासी अमित उर्फ गंगा शाम को अपने घर लौट रहा था। तभी अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इसी साल जनवरी में धोबहीं पोखरा के पास बेलौड़ी निवासी स्कूटी सवार 22 वर्षीय गुरु त्रिपाठी को वाहन ने कुचल दिया था।
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इससे पहले अक्तूबर 2024 में ट्रैक्टर ट्राॅली की चपेट में आने से नंदना गांव निवासी अनिल कुमार (27) की जान चली गई थी, जबकि साला प्रमोद यादव (24) को गंभीर चोट आई थी। इन हादसों के अलावा भी बिजौली से मरकरी पुल के बीच आए दिन हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर आबादी के बीच ब्रेकर और संकेतक लगाने की मांग उठाई जा रही है। किनारे सफेद पट्टी गायब होने से रात में सफर खतरनाक बना रहता है। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए विभागीय जिम्मेदार बैठकों में लगातार सुरक्षा इंतजाम बेहतर किए जाने के दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर सब कुछ शून्य है।
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कई जगह पटरियां भी गायब हैं। बिजौली से मरकरी पुल तक महज ढाई किमी के बीच दो पेट्रोल पंप, तीन स्कूल और कई खतरनाक मोड़ होने के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। बावजूद जिम्मेदार सुरक्षा को लेकर बेपरवाह हैं। बृहस्पतिवार को घटना के बाद लोगों में इसे लेकर नाराजगी बनी रही।
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गत छह नवंबर को बिजौड़ी मोड़ के पास ही ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार अमित विश्वकर्मा (23) की मौत हो गई थी। बेठिगांव निवासी अमित उर्फ गंगा शाम को अपने घर लौट रहा था। तभी अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इसी साल जनवरी में धोबहीं पोखरा के पास बेलौड़ी निवासी स्कूटी सवार 22 वर्षीय गुरु त्रिपाठी को वाहन ने कुचल दिया था।
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इससे पहले अक्तूबर 2024 में ट्रैक्टर ट्राॅली की चपेट में आने से नंदना गांव निवासी अनिल कुमार (27) की जान चली गई थी, जबकि साला प्रमोद यादव (24) को गंभीर चोट आई थी। इन हादसों के अलावा भी बिजौली से मरकरी पुल के बीच आए दिन हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर आबादी के बीच ब्रेकर और संकेतक लगाने की मांग उठाई जा रही है। किनारे सफेद पट्टी गायब होने से रात में सफर खतरनाक बना रहता है। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए विभागीय जिम्मेदार बैठकों में लगातार सुरक्षा इंतजाम बेहतर किए जाने के दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर सब कुछ शून्य है।