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शिक्षामित्रों का मानदेय सीधे खाते में
Sonbhadra
Updated Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
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सोनभद्र। शिक्षामित्रों का मानदेय अब सीधे बैंक खाते में भेजने की कवायद शुरू हो गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से संबंधित शिक्षामित्रों का बैंक खाता नंबर सहित अन्य जानकारी सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है।
शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर आए दिन आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। मामला प्रशासन से शासन तक पहुंचता रहा। यही नहीं मानदेय के लिए शिक्षामित्रों को प्रधान से लेकर प्रधानाध्यापक तक का चक्कर काटना पड़ता था। इसके चलते कई समस्याएं पैदा होती थीं। सभी जिलों से कम से कम 20 से 25 शिकायतें शासन तक पहुंची थी। समस्या को दूर करने के लिए शासन ने अब शिक्षामित्रों का मानदेय भी ई- पेमेंट से करने की व्यवस्था बनाई है। विभाग ने जिले के आठ ब्लाकों में कार्यरत 2469 शिक्षामित्रों से माता पिता का नाम, जन्मतिथि, चयन की तिथि, शैक्षिक योग्यता, बैंक खाता, पैन कार्ड सहित अन्य जानकारियां मांगी हैं। उपरोक्त कागजात आठ अप्रैल तक हर हाल में विभाग के पास जमा करने हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि अगर आठ अप्रैल तक प्रोफार्मा जमा नहीं होता है तो शिक्षामित्रों के मानदेय का भुगतान नहीं होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रधानाध्यपक और शिक्षामित्रों की होगी। बीएसए प्रभु राम चौहान ने कहा कि 15 अप्रैल तक शिक्षामित्रों का बायोडाटा कंप्यूटर में फीड करा देना है। ताकि मानदेय सीधे उनके खाते में जाए।
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शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर आए दिन आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। मामला प्रशासन से शासन तक पहुंचता रहा। यही नहीं मानदेय के लिए शिक्षामित्रों को प्रधान से लेकर प्रधानाध्यापक तक का चक्कर काटना पड़ता था। इसके चलते कई समस्याएं पैदा होती थीं। सभी जिलों से कम से कम 20 से 25 शिकायतें शासन तक पहुंची थी। समस्या को दूर करने के लिए शासन ने अब शिक्षामित्रों का मानदेय भी ई- पेमेंट से करने की व्यवस्था बनाई है। विभाग ने जिले के आठ ब्लाकों में कार्यरत 2469 शिक्षामित्रों से माता पिता का नाम, जन्मतिथि, चयन की तिथि, शैक्षिक योग्यता, बैंक खाता, पैन कार्ड सहित अन्य जानकारियां मांगी हैं। उपरोक्त कागजात आठ अप्रैल तक हर हाल में विभाग के पास जमा करने हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि अगर आठ अप्रैल तक प्रोफार्मा जमा नहीं होता है तो शिक्षामित्रों के मानदेय का भुगतान नहीं होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रधानाध्यपक और शिक्षामित्रों की होगी। बीएसए प्रभु राम चौहान ने कहा कि 15 अप्रैल तक शिक्षामित्रों का बायोडाटा कंप्यूटर में फीड करा देना है। ताकि मानदेय सीधे उनके खाते में जाए।
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