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मानदेय के लिए मनरेगा की फीडिंग रोकी
Sonbhadra
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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म्योरपुर। मनरेगा के तहत होने वाली कंप्यूटर फीडिंग के साथ ही तमाम कामों की फीडिंग में लगे संविदा कर्मियों ने मंगलवार को मानदेय का भुगतान सात माह से न होने के कारण काम का बहिष्कार कर दिया। उनके काम के बहिष्कार कर देने के बाद से फीडिंग के सारे काम प्रभावित हो गए हैं। ब्लाक मुख्यालय पर धरना दे रहे संविदा कर्मियों का कहना है कि मानदेय का भुगतान न होने के कारण वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
म्योरपुर विकास खंड पर तैनात कंप्यूटर आपरेटरों में मंगलवार को क्षुब्ध होकर आखिरकार काम ठप कर दिया। काम बंद होने से एमआईएस फीडिंग, आफीसर का काम, आवास फीडिंग के अलावा कंप्यूटर पर आधारित सारे कामों को जोरदार झटका लगा है। काम ठप करने वाले आपरेटरों का कहना था कि उनके द्वारा लगातार सरकारी कामों को निबटाया जा रहा है, लेकिन सात माह से उनको मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हो सकी है। इससे उनके ऊपर आश्रित लोगों को भूखों मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग के बावजूद कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। अधिकारियों से कहने पर उनके द्वारा रोजाना केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। आपरेटरों ने कहा कि दशहरा और दीपावली जैसे पर्वों पर भी उनको फूटी कौड़ी नसीब नहीं हुई।
ब्लाक मुख्यालय में ही स्थित पेड़ के नीचे काम ठप कर बैठे कर्मियों का कहना था कि तमाम मद में धन ब्लाक में आ रहा है, लेकिन उनके भुगतान के लिए फूटी कौड़ी नही भेजी जा रही है। कहा कि पहले भी शासन स्तर से कंटीजेंसी के मद से भी मानदेय के भुगतान का आदेश दिया जा चुका है लेकिन उनको सात माह से एक पैसा भी भुगतान नहीं प्राप्त हो सका है। कहा कि आने वाले दिन में यदि उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है तो वे आंदोलन को बड़ा रूप देेंगे। उन्होंने तत्काल मानदेय भुगतान की मांग भी की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी आशाराम पटेल ने कहा कि कर्मियों के हड़ताल पर जाने से काम प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है, पैसा आते ही भुगतान करा दिया जाएगा।
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म्योरपुर विकास खंड पर तैनात कंप्यूटर आपरेटरों में मंगलवार को क्षुब्ध होकर आखिरकार काम ठप कर दिया। काम बंद होने से एमआईएस फीडिंग, आफीसर का काम, आवास फीडिंग के अलावा कंप्यूटर पर आधारित सारे कामों को जोरदार झटका लगा है। काम ठप करने वाले आपरेटरों का कहना था कि उनके द्वारा लगातार सरकारी कामों को निबटाया जा रहा है, लेकिन सात माह से उनको मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हो सकी है। इससे उनके ऊपर आश्रित लोगों को भूखों मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग के बावजूद कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। अधिकारियों से कहने पर उनके द्वारा रोजाना केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। आपरेटरों ने कहा कि दशहरा और दीपावली जैसे पर्वों पर भी उनको फूटी कौड़ी नसीब नहीं हुई।
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ब्लाक मुख्यालय में ही स्थित पेड़ के नीचे काम ठप कर बैठे कर्मियों का कहना था कि तमाम मद में धन ब्लाक में आ रहा है, लेकिन उनके भुगतान के लिए फूटी कौड़ी नही भेजी जा रही है। कहा कि पहले भी शासन स्तर से कंटीजेंसी के मद से भी मानदेय के भुगतान का आदेश दिया जा चुका है लेकिन उनको सात माह से एक पैसा भी भुगतान नहीं प्राप्त हो सका है। कहा कि आने वाले दिन में यदि उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है तो वे आंदोलन को बड़ा रूप देेंगे। उन्होंने तत्काल मानदेय भुगतान की मांग भी की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी आशाराम पटेल ने कहा कि कर्मियों के हड़ताल पर जाने से काम प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है, पैसा आते ही भुगतान करा दिया जाएगा।
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