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संघर्ष मोर्चा ने डीएफओ का किया घेराव
Sonbhadra
Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
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ओबरा। लगभग 45 दिनाें से धरनारत खनन रोजगार संघर्ष समिति के लोगों ने गुरुवार को खनन चालू कराने को लेकर ओबरा डीएफओ का घेराव किया। भारी संख्या में खनन व्यवसायी सहित इस व्यवसाय से जुड़े लोगों ने नारेबाजी करते हुए डीएफओ कार्यालय पहुंचे। सभी ने एक स्वर से शांतिपूर्ण ढंग से खनन चालू करने की पुरजोर मांग की।
इस दौरान लगभग एक घंटा डीएफओ के साथ संघर्ष समिति के लोगों के साथ हुई वार्ता हुई, जिसमें जल्द खनन चालू कराने की मांग की गई। डीएफओ एसपी चौरसिया ने कहा कि सिंदुरिया, वदिर्या की वैध खदानों को चालू कराने के लिए वन विभाग द्वारा क्लीयरेंस दे दिया गया है। वहीं बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के खदानों का क्लीयरेंस अगले दो तीन दिनों में देने की बात संघर्ष समिति से कही। संघर्ष समिति का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सात महीने से बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र बंद होने से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के मजदूर रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी आर्थिक तंगी की हालत में पहुंचते जा रहे हैं। खनन व्यवसायी इस बंदी को लेकर मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं। श्री तिवारी ने कहा कि इस व्यवसाय से जुड़े लोग ही नहीं अन्य लोग भी जनपद सोनभद्र के लगभग 90 प्रतिशत लोग खनन चालू कराने के पक्ष में हैं। कुछ चंद लोग प्रायोजित तरीके से खनन बंद कराकर मजदूरों के रोजी-रोटी के साथ खेलवाड़ कर रहे हैं। मुकेश जैन ने कहा कि बिल्ली मारकुंडी वैध खदानों को शीघ्र ही चालू किया जाए ताकि मजदूरों को रोजगार मिलने के साथ साथ पूर्वांचल का विकास कार्य शुरू हो। इस व्यवसाय के बंद होने से व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, सप्लायर, क्रशर व खनन व्यवसायियों के अलावा मजदूरों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग किया कि जनहित को देखते हुए वैध खदानें चालू की जाए। घेराव करने वालों में ज्युत नारायण पटेल, जगमंदर अग्रवाल, सुरेश ताऊ, शिव कुमार, आलोक भाटिया, हनुमान सिंह, ओम प्रकाश, संजय अग्रवाल, भैरव, अखिलेश पांडेय, राकेश जायसवाल आदि शामिल थे।
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इस दौरान लगभग एक घंटा डीएफओ के साथ संघर्ष समिति के लोगों के साथ हुई वार्ता हुई, जिसमें जल्द खनन चालू कराने की मांग की गई। डीएफओ एसपी चौरसिया ने कहा कि सिंदुरिया, वदिर्या की वैध खदानों को चालू कराने के लिए वन विभाग द्वारा क्लीयरेंस दे दिया गया है। वहीं बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के खदानों का क्लीयरेंस अगले दो तीन दिनों में देने की बात संघर्ष समिति से कही। संघर्ष समिति का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सात महीने से बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र बंद होने से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के मजदूर रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी आर्थिक तंगी की हालत में पहुंचते जा रहे हैं। खनन व्यवसायी इस बंदी को लेकर मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं। श्री तिवारी ने कहा कि इस व्यवसाय से जुड़े लोग ही नहीं अन्य लोग भी जनपद सोनभद्र के लगभग 90 प्रतिशत लोग खनन चालू कराने के पक्ष में हैं। कुछ चंद लोग प्रायोजित तरीके से खनन बंद कराकर मजदूरों के रोजी-रोटी के साथ खेलवाड़ कर रहे हैं। मुकेश जैन ने कहा कि बिल्ली मारकुंडी वैध खदानों को शीघ्र ही चालू किया जाए ताकि मजदूरों को रोजगार मिलने के साथ साथ पूर्वांचल का विकास कार्य शुरू हो। इस व्यवसाय के बंद होने से व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, सप्लायर, क्रशर व खनन व्यवसायियों के अलावा मजदूरों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग किया कि जनहित को देखते हुए वैध खदानें चालू की जाए। घेराव करने वालों में ज्युत नारायण पटेल, जगमंदर अग्रवाल, सुरेश ताऊ, शिव कुमार, आलोक भाटिया, हनुमान सिंह, ओम प्रकाश, संजय अग्रवाल, भैरव, अखिलेश पांडेय, राकेश जायसवाल आदि शामिल थे।
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