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रिवाल्वर को बिहार में बेचने की थी योजना
Sonbhadra
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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अनपरा (संवाददाता)। अनपरा डी में बवाल के दौरान पुलिस की रिवाल्वर छीनकर भागने वाले सभी आरोपी पेशे से चालक हैं। रिवाल्वर बरामदगी में जुटी पुलिस को गढ़वा जाने के बाद अहम जानकारी हाथ लगी जिसके बाद सभी पकड़े गए।
अनपरा थानाक्षेत्र के डिबुलगंज निवासी जगतलाल जायसवाल और बैरपान निवासी बृजेश यादव अनपरा डी में प्रसाद कंपनी में वाहन चालक थे। जबकि बिहार निवासी राजू पासवान निवासी बिहार और मिथिलेश निवासी झारखंड दूसरी कंपनी में चालक हैं। बताते हैं कि बवाल के दौरान राजू और मिथिलेश के हाथ रिवाल्वर लग गई जिसे लेकर दोनों डिबुलगंज में गए। रिवाल्वर छिनैती के बाद पुलिस चप्पे-चप्पे पर जांच-पड़ताल कर रही थी इससे इन लोगों ने रिवाल्वर लेकर कई अन्यत्र जाने की योजना छोड़ दी। रिवाल्वर को छिपाने के लिए युवकों ने आपस में मीटिंग किया और उसे बैरपान निवासी बृजेश यादव के कच्चे घर की छत में छिपा दिया। बताया जा रहा है कि एसओजी के एसआई शेषधर पांडेय और कोन एसओ शिवानंद मिश्र जो पूर्व में अनपरा के थानाध्यक्ष रह चुके हैं कि सूत्रों ने अहम सुराग दिया जिसके बाद दोनों लोग गढ़वा, झारखंड गए। यहां उन्हें राजू मिला जिससे रिवाल्वर की परतें खुलती चली गई
। सूत्रों पर यकीन करें तो रिवाल्वर शुक्रवार की आधी रात को ही बरामद कर ली गई थी। राजू से पूछताछ के बाद पुलिस ने जगत, फिर बृजेश और मिथिलेश को धर दबोचा। आरोपियों की योजना रिवाल्वर को पलामू अथवा बिहार ले जाकर बेचने की थी।
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अनपरा थानाक्षेत्र के डिबुलगंज निवासी जगतलाल जायसवाल और बैरपान निवासी बृजेश यादव अनपरा डी में प्रसाद कंपनी में वाहन चालक थे। जबकि बिहार निवासी राजू पासवान निवासी बिहार और मिथिलेश निवासी झारखंड दूसरी कंपनी में चालक हैं। बताते हैं कि बवाल के दौरान राजू और मिथिलेश के हाथ रिवाल्वर लग गई जिसे लेकर दोनों डिबुलगंज में गए। रिवाल्वर छिनैती के बाद पुलिस चप्पे-चप्पे पर जांच-पड़ताल कर रही थी इससे इन लोगों ने रिवाल्वर लेकर कई अन्यत्र जाने की योजना छोड़ दी। रिवाल्वर को छिपाने के लिए युवकों ने आपस में मीटिंग किया और उसे बैरपान निवासी बृजेश यादव के कच्चे घर की छत में छिपा दिया। बताया जा रहा है कि एसओजी के एसआई शेषधर पांडेय और कोन एसओ शिवानंद मिश्र जो पूर्व में अनपरा के थानाध्यक्ष रह चुके हैं कि सूत्रों ने अहम सुराग दिया जिसके बाद दोनों लोग गढ़वा, झारखंड गए। यहां उन्हें राजू मिला जिससे रिवाल्वर की परतें खुलती चली गई
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। सूत्रों पर यकीन करें तो रिवाल्वर शुक्रवार की आधी रात को ही बरामद कर ली गई थी। राजू से पूछताछ के बाद पुलिस ने जगत, फिर बृजेश और मिथिलेश को धर दबोचा। आरोपियों की योजना रिवाल्वर को पलामू अथवा बिहार ले जाकर बेचने की थी।
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